राजद सुप्रीमो और संप्रग—1 सरकार के कार्यकाल के दौरान रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद ने सोमवार को कहा कि जब से उन्होंने रेल मंत्री का पद छोड़ा है, कोई वहां टिक नहीं पा रहा है। लालू ने अपने चित परिचित अंदाज में कहा कि हमने जब से रेल मंत्री का पद छोड़ा है, कोई वहां टिक नहीं पा रहा है और मंत्रालय डिरेल्ड हो गया है।
हालांकि, लालू ने कहा कि अगर उन्हें अब रेल मंत्री बनाया जाएगा तो वे इस पद को स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन उनके रेल मंत्री पद को छोड़ने के बाद रेल इंजन किसी को उक्त पद के लिए स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब वे रेल मंत्री थे तो रेल भवन में विश्वकर्मा और कृष्ण भगवान की मूर्ति रखते थे और उनसे कह रखा था कि रेल की देखभाल की जिम्मेदारी आप पर है।
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री की इस्तीफे की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर लालू ने भाजपा की उक्त मांग को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा अपना घर नहीं देखती और दूसरे पर आरोप लगाती है। लालू ने दावा किया कि भाजपा के पास कोई एजेंडा नहीं है और इसी वजह से उसे कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में उसे मुंह की खानी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि यदि येदियुरप्पा को भाजपा ने निकाला नहीं होता कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में उसकी स्थिति इतनी बुरी नहीं होती। गुजरात मॅाडल को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर लालू ने कहा कि गुजरात पहले से एक विकसित प्रदेश रहा है। इसमें नरेंद्र मोदी का कोई योगदान नहीं है। लालू ने आरोप लगाया कि उन्होंने वहां बोहरा समुदाय के लोगों की हत्या कराई और उनकी संपत्तियों को जलाया।
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