वेतन को तरस रहे माया के बनाए स्मारकों के कर्मचारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 10 मई 2013

वेतन को तरस रहे माया के बनाए स्मारकों के कर्मचारी


उत्तर प्रदेश में बसपा शासन काल में मुख्यमंत्री मायावती द्वरा बनाए गए स्मारकों, संग्रहालयों, पार्को-उपवनों की व्यवस्था में तैनात कर्मचारी इन दिनों वेतन के लिए तरस रहे हैं। दूर-दराजों से नौकरी करने आए लखनऊ स्थित स्मारकों की व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों को उनके मकान मालिक किराया न मिलने के कारण बाहर निकालने की लगातार चेतावनी दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें गत तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिस कारण उन्हें रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। 

स्मारक कर्मचारियों ने वेतन समेत अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर 'मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन इको गार्डेन' के गेट पर सैकड़ों की तादात में इकट्ठे होकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वह गुरुवार से धरने पर बैठे हैं लेकिन शासन-प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि उनकी बात सुनने के लिए नहीं आया है। धरना दे रहे कर्मचारी सुरेश ठाकुर, कैलाश चंद सैनी और कुसमा देवी समेत अन्य कर्मचारियों ने आईपीएन से कहा, "इको गार्डेन की प्रबन्धन ने हमें जरूर आश्वस्त किया कि आगामी 25 मई तक उन्हें उनका वेतन मिल जाएगा लेकिन हमें उन पर भरोसा नहीं है।" 

स्मारक कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री समेत सभी आला अध्किारियों को भेज दिया है। कर्मचारियों की मांग है कि वेतन प्राप्ति की तिथि निर्धारित कर समय पर वेतन दिया जाए। स्मारक कर्मचारियों का महंगाई भत्ता वर्तमान 45 प्रतिशत से बढ़ाकर अन्य कर्मचारियों की भांति 72 प्रतिशत किया जाए।  अन्य मांगें हैं, वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की जाए। समिति के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 5200-20200 वेतनमान एवं 1800 ग्रेड पे लागू लागू किया जाए। समिति के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की भांति सभी सुविधाएं एवं भत्ते उपलब्ध कराए जाएं। सीपीएफ कटौती का ब्योरा उपलब्ध कराया जाए। 

अभी तक मृत हुए समिति के सभी कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी व अन्य सुविधाएं दी जाएं। समस्त स्मारक कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्त मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे।

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