नगर की अग्रणी साहित्यिक, सांस्कृतिक , सामाजिक संस्था कृति द्वारा नीमच रेल्वे स्टेषन पर यात्री सुविधाओं में विस्तार हेतु एक ज्ञापन मण्डल प्रबंधक रतलाम रेल मण्डल को नीमच स्टेषन प्रबंधक को दिया गया । ज्ञापन की प्रति पष्चिमी रेल्वे के महा प्रबंधक को भी भेजी गई है। प्रचार सचिव गोपाल पोरवाल ने बताया कि ज्ञापन में चार प्रमुख यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की गई है कि - नीमच रेल्वे स्टेषन पर प्लेटफार्म नं. 1 से 2 व 3 पर जाने के लिये बनाया गया पुल काफी लम्बा होने से यात्रियों के लिए लगभग अनुपयोगी है। इस कारण यात्रियों को मजबूरी में पटरियां पार करना पड़ती है ,जिससे कानून का उल्लंघन भी होता है तथा दुर्घटना का भय भी बना रहता है। अतः इस पुल के दोनो ओर सीढि़यां भी बनाई जाए जिससे यात्रियों को सुविधा हो । इस संबंध में पूर्व में भी मांग की जाती रही है और पष्चिमी रेल्वे महाप्रंबंधक ने अपने नीमच प्रवास पर सीढि़यां बनाने का आष्वासन भी दिया था ।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि - नीमच रेल्वे स्टेषन से कई महत्वपूर्ण यात्री गाडि़यां गुजरती हैं जिनके रूकने का समय भी 2 से 5 मिनट है। साथ ही यात्री गाडि़यों की लम्बाई भी काफी होती है। ऐसे में यात्रियों को खासकर बुजुर्ग व बीमार यात्रियों को अपने निर्धारित कोच तक पंहुचने में काफी असुविधा होती है । अतः नीमच स्टेषन के प्लेटफार्म 1व 2 पर कोच संकेतक शीघ्र लगाये जांएं । वर्तमान में 19330 उदयपुर इन्दौर यात्री गाड़ी में नीमच स्टेषन पर स्लीपर क्लास का 68 यात्रियों का आरक्षण कोटा है , जो कि नीमच इंदौर के बाीच यात्री यातायात के मान से बहुत कम है। जबकि मावली जैसे छोटे स्टेषन का कोटा 250 यात्रियों का है । सामान्यत: वहां प्रतिदिन लगभग 100 से 150 बर्थ खाली रहती हैं । आरक्षण कोटे की कमी कारण नीमच के यात्री मावली से टिकिट बनवाते हैं , जिसके काण याित्रयों को अधिक धन खर्च करना पड़ता है तथा दुबारा आरक्षण कार्यालय जाकर बोर्डिग भी बदलवाना पड़ता है। वहीं आरक्षण कार्यालय पर भी अनावष्यक कार्य का बोझ पड़ता है। अतः उदयपुर इन्दौर ट््रेन में नीमच का स्लीपर क्लास का आरक्षण कोटा बढ़ाने की मांग की गई है।
इन मांगों के साथ ही 59833/59834 नीमच कोटा नीमच यात्री गाड़ी जो कि रात्रिकालीन यात्री गाड़ी है, इसमें यात्रियों की सुविधा हेतु स्लीपर कोच लगाया जाए । नीमच रेल्वे स्टेषन प्रबंधक श्री भार्गव को ज्ञापन देते समय कृति के अध्यक्ष जीवन कौषिक , उपाध्यक्ष राधेष्याम शर्मा तथा संस्था के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाष चैधरी, प्रकाष भट्ट ,दर्षनसिंह गांधी रघुनंदन पाराषर एवं सदस्य इन्दर मल रामरख्याणी , गणेष खण्डेलवाल आदि उपस्थित थे ।
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