भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता के लिए जनतंत्र यात्रा के दूसरे चरण की समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जातिवाद और किसी भी तरह के लालच को छोड़कर शुद्ध विवेक और मन की आवाज पर मतदान करना चाहिए। दून तिराहे से यात्रा शुरू करते हुए हजारे ने कहा कि अपने जन प्रतिनिधियों को चुनते समय लोगों को अपने विवेक का प्रयोग करना चाहिए।
हजारे ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में हमें ऐसे लोगों को चुनना चाहिए, जिनमें कुछ काम करने की क्षमता हो और केवल पार्टी के आधार पर वोट नहीं देना चाहिए। हजारे ने कहा कि जनतंत्र यात्रा निकालने का मकसद लोगों को जागरूक कर देश में एक बड़ा परिवर्तन लाने की कोशिश है। वह ऐसा तब तक करते रहेंगे, जब तक एक निष्पक्ष और शक्तिशाली लोकपाल नहीं बन जाता और सच्चे लोकतांत्रिक मूल्यों की वापसी नहीं हो जाती। इस महीने के आखिर में रुद्रप्रयाग जिले में अपनी यात्रा के दूसरे चरण के समापन से पहले वह उत्तराखंड में लगभग 50 जगहों पर जाएंगे।
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