चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग तीन दिवसीय भारत यात्रा पर रविवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे। यहां ली और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच सीमा विवाद तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। ली का विमान पालम हवाई अड्डे के वायुसेना अड्डे पर उतरा, जहां विदेश राज्य मंत्री ई. अहमद ने उनकी अगवानी की। मार्च में चीन के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। वह चार देशों की विदेश यात्रा पर हैं, जिसमें भारत उनका पहला पड़ाव है। भारत में तीन दिन रुकने के बाद ली पाकिस्तान जाएंगे, वहां से वह स्विट्जरलैंड और फिर जर्मनी जाएंगे।
ली की भारत यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय क्षेत्र में चीनी सेना के घुसपैठ को लेकर करीब 20 दिनों तक चले विवाद का पांच मई को हल निकल गया। इस बात पर सहमति पर बनी कि दोनों देशों की सेनाएं 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति में लौट जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, ली की इस यात्रा के दौरान उस सीमा रक्षा सहयोग समझौते पर भी चर्चा हो सकती है, जिसका प्रस्ताव चीन ने पांच मई को रखा था। भारत ने इसमें कुछ अन्य परामर्शो को शामिल करने का सुझाव दिया है। मसौदे पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
दोनों नेताओं के बीच ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह की निगरानी करने के लिए संयुक्त तंत्र बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि भारत ने चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जा रहे ऊंचे बांधों को लेकर चिंता जताई है। ये नदियां तिब्बत से भारत की ओर बहती हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन पर भी चर्चा होगी। साथ ही अफगानिस्तान सहित अन्य क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है।
ली की सोमवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मनमोहन सिह से आधिकारिक मुलाकात होने वाली है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर होने की सम्भावना है। ली मंगलवार को मुंबई जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात उद्योग जगत की हस्तियों से होगी। इसके बाद अगले दिन वह पाकिस्तान के लिए रवाना हो जाएंगे।

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