पाकिस्तान के दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ अब तीसरी बार देश का नेतृत्व करने के लिए लगभग तैयार हैं। अब तक आए अनौपचारिक परिणामों के मुताबिक नवाज की पार्टी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मजबूत स्थिति में है। रविवार सुबह से ही आ रहे चुनाव परिणामों के मुताबिक 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज' (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ ने अपने अन्य प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर सत्ता की ओर अपना रुख किया हुआ है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक अभी तक नेशनल असेंबली की 152 सीटों के परिणाम आ चुके हैं, जिनमें से पीएमएल-एन को 86 सीटें, क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को 21 सीटें, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 15 सीटें, निर्दलीय उम्मीदवारों को नौ सीटें, एमक्यूएम पार्टी को आठ सीटें, जेयूएल-एफ पार्टी को चार सीटें, जमात-ए-इस्लामी को दो सीटें, पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी को दो सीटें और अन्य को 5 सीटें मिली हैं।
हालांकि अभी इन परिणामों की अनौपचारिक घोषणा ही हुई है, जिसके अनुसार नवाज की पार्टी भारी बहुमत की ओर बढ़ रही है। चूंकि मतगणना अभी जारी है, लिहाजा पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग को परिणामों की औपचारिक घोषणा करने में अभी घंटों लग सकता है। नेशनल असेम्बली में कुल 342 सीटें हैं, और चार प्रातीय विधानसभाओं में कुल मिलाकर 728 सीटें हैं। चुनाव नेशनल असेम्बली की 268 सीटों के लिए हुआ है। छह सीटें महिलाओं के लिए और 10 सीटें गैर मुस्लिमों के लिए आरक्षित हैं।
शरीफ ने शनिवार देर रात लाहौर स्थित अपने घर की बालकनी में आकर वहां जमा अपने हजारों समर्थकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा, "मैं आप सभी को धन्यवाद देना और आश्वस्त करना चाहता हूं कि चुनाव अभियान के दौरान मेरे या मेरी पार्टी के किसी भी नेता द्वारा किए गए वादों को मैं जरूर पूरा करूंगा।" गौरतलब है कि इससे पहले नवाज नवंबर 1990 से जुलाई 1993 और फरवरी 1997 से अक्टूबर 1999 तक दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे थे। हालांकि दोनों ही बार नवाज की सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई थी। तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुर्शरफ ने वर्ष 1999 में नवाज की सरकार का तख्ता पलट कर दिया था और उन्हें देश से निष्कासित कर सऊदी अरब भेज दिया था।
नवाज ऐसे समय में देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जब पाकिस्तान भ्रष्टाचार, खराब प्रशासन, कमजोर अर्थव्यवस्था, आतंकवाद जैसे अति गंभीर समस्याओं से घिरा हुआ है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें