उत्तराखंड में मूसलधार बारिश से भारी तबाही के कारण 25 लोगों की मौत हो गई और चार धाम यात्रा ठप होने के साथ ही उत्तरकाशी, चमोली तथा रुद्रप्रयाग जिलों में यात्रा मार्गों पर 20 हजार से अधिक यात्री फंस गए हैं।
केदारनाथ राष्ट्रीय राज मार्ग पर रामबाड़ा में मंदाकनी नदी में बाढ़ आने के कारण कई लोगों के बह जाने की खबर है। मरने वालों में सभी तीर्थ यात्री बताए गए हैं। इसी मार्ग पर भीमगली के नजदीक भूस्खलन के कारण पांच यात्री मारे गए हैं। उत्तरकाशी और चमोली में कई घरों के बाढ़ के चपेट में आने की खबर है।
श्रीनगर में अलकनंदा का पानी उफान पर है और आईटीआई के विशाल परिसर में पानी भर गया है। कई मकान पानी में डूब गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के उपाध्यक्ष शशिधररेड्डी ने कहा है कि राज्य में मूसलधार बारिश के कारण कम से कम 25 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों लोगों के लापता होने की सूचना है। हालांकि उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त के साथ बचाव और राहत नौकाओं को रवाना किया गया है। इसके अलावा इस हेलीकाप्टर भी मंगाये गए है। सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए एनडीएमए के उपाध्यक्ष नेकहा कि वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूस्खलन के कारण जगह जगह बडी संख्या में वाहन फंसे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में पिछले 88 वर्ष का बारिश कारिकार्ड टूट गया है।
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