जनता दल (युनाइटेड) की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ 17 वर्ष पुरानी दोस्ती खत्म होने का स्वागत करते हुए तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने कहा कि इससे वैकल्पिक मोर्चा गठित होने की संभावना को बल मिलेगा। तृणमूल सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुल्तान अहमद ने कहा, "यह उन सभी के लिए अच्छी खबर है जो भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ वैकल्पिक मोर्चा चाहते हैं। हमारी जद (यू) के साथ पहले से ही बात चल रही है और इस तलाक से प्रस्तावित संघीय मोर्चे को बल मिलेगा।"
सपा महासचिव किरणमय नंदा ने कहा, "मैं जद (यू) को इस कदम के लिए बधाई देता हूं। इस टूट से भाजपा और अन्य सांप्रदायिक ताकतों का आत्मविश्वास घटेगा और अगले आम चुनाव के लिए कांग्रेस विरोधी, भाजपा विरोधी मंच के गठन की संभावना को बल देगा।" उधर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के संघीय मोर्चे के प्रस्ताव की खिल्ली उड़ाई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "यह अव्यावहारिक विचार है। प्रधानमंत्री बनने के इच्छुक नेताओं में एकजुटता की उम्मीद करना बेकार की बात है।"
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "महज घोषणा भर कर देने से मोर्चा नहीं गठित हो जाता। इस तरह के प्रयोग न तो टिकाऊ होते हैं और न ही लोगों का भरोसा जीत पाते हैं। यह ममता बनर्जी की संभवत: अपनी सरकार की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने या राष्ट्रीय राजनीति में अपना महत्व बढ़ाने की राजनीतिक चाल हो सकती है।"

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