राज्यमंत्री दर्जा सुश्री ज्योति येवतीकर एवं श्रीमती शशि सिन्हों का दौरा कार्यक्रम
खंडवा (17 जून) - राज्य महिला आयोग की सदस्य राज्यमंत्री दर्जा सुश्री ज्योति येवतीकर एवं श्रीमती शशि सिन्हों 18 जून की रात्रि को भोपाल से प्रस्थान कर खंडवा आयेंगी। सदस्य द्वय 19 जून को प्रातः 10.30 बजे कलेक्टर नीरज दुबे एवं पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा से भेंट एवं प्रकरणों के संबंध में चर्चा करेंगी। पूर्वान्ह 11 बजे संयुक्त बैच में प्रकरणों की सुनवाई करेंगी। अगले दिन 20 जून को भी 11 बजे संयुक्त बैच में प्रकरणों की सुनवाई करेंगी एवं 21 जून को खंडवा से भोपाल मुख्यालय के लिये प्रस्थान करेंगी।
पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित
खंडवा (17 जून) - पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज शर्मा ने थाना पिपलौद में दर्ज अपराध क्रमांक 54/13 धारा 363, 366 भादवि के आरोपी हरविन्दर पिता रतनसिंह जाति जाट निवासी मनपुर जिला पलवल हरियाणा एवं आरोपी शोभालाल पिता सियाराम जाति बारेला निवासी चैनपुर थाना बलवाड़ा जिला खरगौन की सूचना देने एवं गिरफ्तार कराने पर ढाई-ढाई हजार रूपये की नगद राशि से ईनाम की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने एक अन्य प्रकरण में थाना हरसूद में दर्ज अपराध क्रमांक 102/13 धारा 363, 366, 376, 372, 346 भादवि एवं 3/4 लैंगिग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में महिला आरोपी अनिताबाई पति रामकृष्ट जाति बलाई उम्र 30 साल निवासी बौधिया की सूचना देने एवं गिरफ्तार कराने पर दो हजार रूपये की नगद राशि से ईनाम की घोषणा की है।
निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत् राशि स्वीकृत
खंडवा (17 जून) - कलेक्टर नीरज दुबे ने निःशक्त व्यक्ति समान अवसर अधिकार संरक्षण प्रोत्साहित करने के फलस्वरूप विवाह किया जाकर निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत चार निःशक्त दम्पत्तियों को राशि स्वीकृत की है। गुलाबचंद और कपूरी को 50 हजार रूपये, धनराज और शोभा, संदीप और लता एवं नर्मदाप्रसाद और मनीषा को 25-25 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई हैं। निर्देशों के अधीन प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाले विवाहित दम्पत्ति में से किसी सदस्य द्वारा तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन न्यायिक पृथक्करण एवं विवाह-विच्छेद या विवाह विद्यटन अथवा 5 वर्ष की समाप्ति के पूर्व किसी दम्पत्ति के वैवाहिक संबंध टुट जाते हैं, तो दम्पत्ति द्वारा प्राप्त प्रोत्साहन की सम्पूर्ण राशि सरकार को वापिस करने के लिये उत्तरदायी होंगे और यह राशि भू-राजस्व की बकाया की भाँति वसूली योग्य होगी।

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