- -150 बच्चों ने लिय्ाा शिविर में भाग-
- संस्कारवान जीवन से बालक का विकास संभव: मधु मेहता
उदय्ापुर, 19 जून। संस्कृति व सभ्य्ाता की सुरक्षा संस्कारों से ही संभव है। सुसंस्कारों से ही सभ्य्ा समाज का निर्माण होता है। सही शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार हो तो जीवन का चहुंमुखी विकास संभव है। शिविर एक प्रय्ाोगशाला है। शिविरों से बच्चों में संस्कार का उदय्ा होता है। बाल्य्ाकाल में जो संस्कार दिय्ो जाते है, बडे होकर वही संस्कार बच्चे के विकास में सहाय्ाक सिद्ध होते हैं। य्ो विचार बुधवार को देवेन्द्र धाम में जैनाचायर््ा श्री देवेन्द्र महिला मंडल द्वारा आय्ाोजित ग्य्ाारहवें दस दिवसीय्ा ’’धार्मिक नैतिक संस्कार’’ शिविर के समापन अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला प्रमुख मधु मेहता ने व्य्ाक्त किय्ो।
उन्होंने कहा कि वकील की गलती पर एक व्य्ाक्ति फांसी की सजा प्राप्त कर सकता है लेकिन माता-पिता एवं शिक्षक अगर बालक को संस्कार देने में गलती कर दे तो समाज, परिवार, राष्ट्र का विध्वंस हो सकता है। आवश्य्ाकता है शिक्षकगण भविष्य्ा निर्माण में चिन्तन व क्रिय्ाा को अपनाकर बालकों के भीतर चेतना जागरण के संस्कारों का शंखनाद करें।
मुख्य्ा अतिथि महापौर रजनी डांगी ने बच्चों से अपने जीवन का लक्ष्य्ा तय्ा कर इसे संकल्प के साथ पूरा करने का प्रय्ाास करने का आह्नान किय्ाा और बच्चों को जीवन में प्रामाणिकता, ईमानदारी, विनम्रता, शालीनता, सहिष्णुता को उतारने की प्रेेरणा दी। इस मौके पर विष्णु शर्मा, डाॅ. उदय्ाचंद जैन एवं अन्य्ा वक्ताओं ने बालकों की प्रतिभा को निखारने व धर्म में दक्ष बनाने के लिए जगह-जगह ऐसे शिविर आय्ाोजित करने की आवश्य्ाकता जताई।
महिला मंडल की अध्य्ाक्ष सुधा भंडारी ने आगन्तुकों का स्वागत करते हुए बताय्ाा कि मंडल द्वारा आय्ाोजित पिछले दस शिविरों में 1400 से अधिक बच्चें लाभान्वित हो चुके हैं। शिविर में अनवरत उल्लेखनीय्ा सेवाओं के लिए हीरालाल ममता रांका का विशेष सम्मान किय्ाा गय्ाा। इस अवसर पर उपस्थित दानवीरों का पगडी व ओपरणा ओढाकर स्वागत किय्ाा गय्ाा।
शिविर में अशोक प्रेम जैन ने य्ाोग, धार्मिक अध्य्ाय्ान व नैतिक संस्कारों का बीजारोपण परमेश्वर पोरवाल, श्रीमती राजकुमारी पोरवाल, रीतु नावेडिय्ाा, मीनू छाजेड, ललिता बाफना तथा शीतल जोशी ने नृत्य्ा प्रशिक्षण, राजकुमार मेनारिय्ाा ने आत्मरक्षा व जूडो कराटे तथा सपना खत्र्ाी व नसीम खान ने ड्राईंग प्रशिक्षण दिय्ाा। महिला मंडल की मंत्र्ाी ममता रांका ने मंडल द्वारा वर्षभर में किए गए आय्ाोजनों की जानकारी दी। शिविर में विभिन्न आय्ाु के बच्चों ने समूह नृत्य्ा, नाटक, कव्वाली आदि प्रस्तुत किय्ो। मुख्य्ा रुप से कर्माें की गति पर आधारित नाटक प्रस्तुत किय्ाा गय्ाा। बालकों ने शिविर संस्मरण सुनाए। समारोह में बच्चों को पुरस्कृत किय्ाा गय्ाा। इसी क्रम में अन्य्ाान्य्ा क्षेत्र्ाों में लम्बे समय्ा से कायर््ा कर रहे महानुभावों का भी सम्मान किय्ाा गय्ाा। समारोह में शहर के अनेक गणमान्य्ा धर्मावलम्बी उपस्थित थे। संचालन रंजना मेहता ने किय्ाा जबकि धन्य्ावाद की रस्म ममता रांका ने अदा की। शिविर को सफल बनाने में इन्द्रा चौरडिय्ाा, रुपीबाई आंचलिय्ाा, मीना बोकडिय्ाा, सोनिका चोर्डिय्ाा, अनीता भंडारी, रंजना चौहान, मंजू चपलोत इत्य्ाादि कायर््ाकर्ताओं का पुरुषार्थ निय्ाोजित हुआ।
पांच असहाय्ा परिवार गोद लिए:
इस अवसर पर मंत्र्ाी ममता रांका ने जानकारी देते हुए बताय्ाा कि जैन समाज के असहाय्ा, निर्धन जीवन व्य्ाापन करने वाले 5 परिवार को इस वर्ष जैनाचायर््ा देवेन्द्र महिला मंडल ने गोद लिय्ाा जिसमें उन परिवारों को आर्थिक सहाय्ाता व अन्य्ा भोजन साम्रगी प्रतिमाह उपलब्ध कराई जाएगी।



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