लगभग 23 हजारे निकाले, स्थानीयों के अलावा अभी भी लगभग 65 हजार फंसे!
देहरादून, 20 जून। दूसरे दिन प्रदेश में आई दैवीय आपदा के बाद चलाए गए रेस्क्यू अभियान में अभी तक तकरीबन 23 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानो पर पहुंचा दिया गया है, जबकि अभी भी लगभग 63 हजार यात्री पर्वतीय इलाकों में फंसे हुए हैं, जिनमें स्थानीय लोगों की कोई गिनती नहीं है। एक जानकारी के अनुसार यह आंकडा हजारों में हो सकता है। हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ घाटी से 1295 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शासन का दावा है कि केदारनाथ से सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा, जबकि केदारनाथ सहित रूद्रप्रयाग जनपद के यात्रा मार्ग में अभी 24729 यात्री फंसे हुए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, सेना, आइटीबीपी और पुलिस के जवान पैदल रास्ते केदारनाथ पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गए हैं। आइटीबीपी और पुलिस केदारनाथ मार्ग पर जगह-जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही यहां आवाजाही के लिए मार्ग भी तैयार कर रही है। गुप्तकाशी में राहत एवं बचाव के लिए एक गांव बनाया गया है, जहां राशन व स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में वायरलैस संचार व्यवस्था फिर से बहाल की गई है। पुलिस की ओर से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में सेटेलाइट फोन व बैटरियां भी पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि अभी भी आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में लगभग 65 हजार यात्रियों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार सुबह ही देहरादून से सेना एवं सिविल एविएशन के हेलीकॉप्टरों ने केदारनाथ घाटी के लिए उड़ान भरी। इनमें से तकरीबन आठ हेलीकॉप्टर केदारनाथ से यात्रियों को निकालने में जुट गए। घांघरिया-गोविंदघाट से भी तीन सौ से अधिक यात्रियों को जोशीमठ लाया गया। वहीं गौरीगांव गौरीकुंड में तकरीबन तीन हजार लोगों ने स्वयं हैलीपेड बनाया। यहां से पहले चरण में घायलों को निकाला गया। वायु सेना के तीन हेलीकॉप्टर बचाव कार्य के लिए गौचर में उतारे गए, जिनके जरिये घायल यात्रियों को देहरादून लाया गया। सोनप्रयाग से भी रेस्क्यू टीम ने पांच सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उत्तारकाशी जिले में हर्षिल व मातली में फंसे कई लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए चिन्यालीसौड़ व देहरादून तक पहुंचाया गया। वहीं सेना, आइटीबीपी, बीआरओ व पुलिस के सहयोग से कई स्थानों पर मार्ग दुरुस्त कर आवागमन योग्य बनाए गए हैं। पिथौरागढ़ के मदकोट, पांगला-धारचूला क्षेत्र में घायलों को निकालने के लिए भी आपरेशन चलाया गया। आपदाग्रस्त चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तारकाशी में जीवन रक्षक औषधियां पहुंचा दी गई हैं जबकि इन स्थानों के लिए विभिन्न जनपदों से डॉक्टरों की टीम रवाना कर दी गई हैं। रेस्क्यू टीमें अभी तक चमोली से 8878, रुद्रप्रयाग से 1295, उत्तारकाशी से 7219, टिहरी से दो हजार व पिथौरागढ़ से तीन हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी हैं। गुरूवार को भी सुबह से ही राहत कार्य चलाए जाने की योजना है, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हैलीकाप्टर उड़ान नहीं भर पाए, जिसके बाद मौसम साफ होने पर हैलीकाप्टरों ने 11 बजे उड़ान भी।
विधानसभा अध्यक्ष ने निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया
देहरादून, 20 जून, । आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचावकार्यों में तेजी लाये जाने की जरूरत है ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। ये बात गढ़वाल मण्डल के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कही। गौरतलब है कि इस समय कुंजवाल गढवाल के दौरे पर हैं। कुंजवान ने आज अपने भ्रमण के पहले दिन श्रीनगर, देवप्रयाग, रूद्रप्रयाग, गौचर में व्यापक निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण में उन्होने पाया कि इस आपदा से अपार संख्या में सम्पत्ति का नुकसान हुआ है। सरकारी एवं गैर सरकारी भवन बडी संख्या में ध्वस्त हुये हैं तथा जगह-जगह वाहन आदि फंसे हुये हैं सम्पर्क मार्गों की स्थिति काफी खराब है एवं बिजली एवं पानी की समस्या भी काफी विकराल है। उन्होने मंद गति से हो रहे बचाव एवं राहत कार्यों पर चिन्ता व्यक्त की तथा तेजी लाये जाने के लिये उन्होने मुख्यमंत्री श्री विजय बहुगुणा से दूरभाष पर वार्ता भी की। कंुजवाल ने निरीक्षण के दौरान मौजूद जिलाधिकारी पौड़ी जंद्रेश यादव तथा पुलिस अधिक्षक श्रीमती विमला गुंज्याल से कहा कि वे राहत एवं बचाव कार्यों में और अधिक तेजी लायें तथा प्रभावित लोगों को पेयजल एवं खाद्यान व्यवस्था को प्राथमिकता दें। उन्होने अधिकारियों से कहा कि वे समर्पण भावना से कार्य करें तथा लोगों को राहत पहंुचाने में मददगार साबित हों। उन्होने गौचर में राहत कैम्प का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान विधायक श्रीनगर गणेश गोदियाल के अलावा राजेन्द्र शाह, सूरत सिंह नेगी, राजेश भट्ट के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
चिकित्सकों का दल में आवश्यक जीवन रक्षक औषधियों के साथ रवाना
देहरादून, 20 जून, । प्रदेश सरकार के युवा स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी आपदा क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को तत्परता से पहंुचाने के लिए आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य महकमें द्वारा की जा रही कार्यवाही एवं राहत कार्यों पर नजर रखे हुये हैं। उन्होने बताया कि हेलीकाप्टर द्वारा 4 सदस्यीय चिकित्सकों का दल में आवश्यक जीवन रक्षक औषधियों के साथ रवाना कर दिया गया है। दून चिकित्सालय से भेजे गये इस दल में अस्थि रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, फार्मेशिष्ट एवं वार्ड वॉय शामिल हैं। उन्होने बताया कि रूद्रप्रयाग में आपदा पीडितों के उपचार हेतु राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से चिकित्सकों का दल भेज दिया गया है। जबकि चमोली के थराली, गैरसैंण तथा कर्णप्रयाग में भी चिकित्सकों का दल सिविल अस्पताल रानीखेत से भेजा गया है। जनपद चमोली के लिए जिला चिकित्सालय उधमसिंह नगर से भी चिकित्सकों की टीम भेजी गयी है। नेगी ने बताया कि आवश्यक औषधियों के अलावा चौट, फैक्चर के उपचार के लिए चिकित्सीय सामग्री स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी जा रही है। रेड क्रास सोसायटी द्वारा रूद्रप्रयाग जिले के आपदा ग्रस्त क्षेत्र के लिए 125 कम्बल भेजे जा रहे हैं। जौलीग्रांट चिकित्सालय द्वारा 60 बैड वाला एक वार्ड आपदा ग्रस्त क्षेत्रों से संदर्भित मरीजों के निःशुल्क उपचार हेतु उपलब्ध कराया गया है। आपदा ग्रस्त रोगियों के लिए आवश्यक रक्त की निःशुल्क व्यवस्था आईएमए तथा सरकारी ब्लड बैंकों के माध्यम से की जायेगी। उन्होने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा व कुमाउं मण्डल के आपदा ग्रस्त क्षेत्र धारचूला मुनस्यारी एवं अन्य स्थानों पर दैवीय आपदा हेतु आईएमए हल्द्वानी द्वारा चिकित्सीय सहयोग दिया जायेगा। आवश्यकता पडने पर संदर्भित रोगियों का कुमाउं स्थित सभी निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आईएमए को आस्वस्त किया गया है, कि निजी चिकित्सालयों में रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने में होने वाले सम्पूर्ण व्यय का वहन राज्य सरकार करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में 108 सेवा को और अधिक सक्रियता से कार्य करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव एस रामास्वामी, अपर सचिव पीयूष सिंह, महानिदेशक डॉ.जीएस जोशी अपर निदेशक डॉ. एलके गुसाईं, डॉ. गीता गुसाईं, डॉ. नीलू शाह, संयुक्त निदेशक कैलाश जोशी आदि उपस्थित थे।
भाजपा ने प्रदेश भर में राहत कैंप प्रारंभ किए
देहरादून, 20 जून, । भारतीय जनता पार्टी ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बीती शनिवार रात से शुरू हुई भीषण मूसलाधार वर्षा के कारण केदारनाथ (जिला-रूद्रप्रयाग), बद्रीनाथ (जिला-चमालेी), गंगोत्री धाम (जिला-उत्तरकाशी) सहित उत्तराखण्ड के अनेक क्षेत्रों में महाप्रलय की स्थिति बन गई है। अतिवृष्टि से बादल फटने, ग्लेशियर टूटने तथा भूस्खलन के कारण लोग काल कलवित हो गए। सैकंड़ों की संख्या में आवासीय भवन, विघालय एवं यात्रा मार्ग ध्वस्त हो गए साथ ही बड़ी भारी मात्रा में सार्वजनिक सम्पत्ति की क्षति हुई है तथा हजारों तीर्थ यात्री लापता हैं। भाजपा ने कहा कि सरकारी एवं सैन्य सहायता के अतिरिक्त पार्टी संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा अलग-अलग जगहों पर प्रदेश भर में राहत कैंप प्रारंभ किए गए हैं। प्रदेश में कार्यालय सहित प्रभावित क्षेत्रों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार फंसे लोगों को भोजन, दवा, कम्बल तथा सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था प्रमुख है। प्रदेशों से राहत सामाग्री भेजना अधिक व्यय साध्य होगा अतः नकद राशि भेजना ही उचित होगा। भाजपा ने कहा कि सहयोग/सहायता राशि ‘‘चैकै अथवा ड्राफ्ट‘‘ ‘‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति‘‘ के भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय बलबीर राडे देहरादून पर कोई भी भेज सकते हैं। खाता सख्ंया 31156574681 आईटीजीएस हेतु आईएफएस कोड 0000630 है तथा भारतीय स्टटे बैकं देहरादून शाख है। वहीं सम्पर्क हेतु कार्यकर्ताओं के नाम व फोन नंबर इस प्रकार से हैं, तीरथ सिहं रावत प्रदेश अध्यक्ष 09412004626, सजंय कुमार प्रदेश महामंत्री (सगंठन) 09759511000, ज्ञान सिहं नेगी प्रदेश महामंत्री 09412054743, नरेश बंसल प्रदेश महामंत्री 09412054565, प्रकाश पन्त प्रदेश महामंत्री 09412095511, उर्बादत्त भट्ट 09634164446, (मुख्य सूचना एवं सहायता केंद्र) चमन लाल बाल्मीकि 09412320371, महेश्वर बहुगुणा 09412051935, रूद्रप्रयाग से विजय कपरवाण 09837500926, (श्री केदारनाथ धाम) सचिदानन्द 09897798646, (फाटा) देव प्रकाश सेमवाल 09720502649, (अगस्त्यमुनि) अनूप सेमवाल 09827807645, चमोली से विनोद कपरवाण 09412029203, (श्री बद्रीनाथ धाम) भुवन उनियाल धर्माधिकारी 09412965169, (जोशीमठ) ऋषि सती 09412032205, उत्तरकाशी से गापे ाल सिहं रावत 09456590802 (गगं ोत्री धाम) जगमाहे न सिहं रावत 09412412286 , हरिद्वार से कुलदीप गुप्ता 09897733793, डा0 विजय पाल सिहं 09412979780, ऋषिकेश से ज्योति सजवाण 09458389455, कपिल गुप्ता 09927067192, प्रेमचन्द अगवाल 09456590815।
आपदा के कारण 3 दिन का राजकीय शोक घोषित
- शासकीय मनोरंजन उद्घाटन आदि कार्यक्रम नहीं होंगे आयोजित
देहरादून, 20 जून, । उत्तराखण्ड राज्य में आयी प्राकृतिक आपदा के कारण 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। सचिव सामान्य प्रशासन सुरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया है कि राज्य में विगत दिनों में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा/बाढ़/भू-स्खलन आदि से हुई जान-माल की व्यापक क्षति हुई है। शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त उत्तराखण्ड राज्य में दिनांक 20 जून से 22 जून, 2013 (3 दिन) तक का राजकीय शोक घोषित किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस अवधि में उत्तराखण्ड राज्य के समस्त सरकारी कार्यालयों/विभागों/संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा राजकीय शोक के दिवसों में कोई भी शासकीय मनोरंजन उद्घाटन आदि कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जायेंगे।
प्राकृतिक आपदा के बाद मार्ग खुले
देहरादून, 20 जून, । राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य में आयी प्राकृतिक आपदा के बाद जोशीमठ-कर्णप्रयाग मार्ग के साथ ही ऋषिकेश-उत्तरकाशी, धरासू-चम्बा, गोचर-रूद्रप्रयाग-श्रीनगर-ऋषिकेश, पौड़ी-कोटद्वार,गुप्तकाशी-मयाली-तिबतिया-टिहरी, उत्तरकाशी-चिन्यालीसौड़, कर्णप्रयाग-रानीखेत-काठगोदाम, धरासू-बड़कोट-डामरा-देहरादून, मयाली-तिलवाड़ा-रूद्रप्रयाग, चिन्यालीसौड़-सुवाखोली-मसूरी, घनसाली-टिपरी-देवप्रयाग, घनसाली-टिपरी-नई टिहरी, टिहरी-चम्बा-मसूरी, चम्बा-ऋषिकेश व त्यूनी-चकराता-सहिया-कालसी-देहरादून मार्गों को खोल दिया गया है।
राज्यपाल शहर के जागरूक नागरिकों के साथ विचार विमर्श करेंगे
देहरादून, 20 जून, । उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 अजीज कुरैशी 21 जून को नैनीताल शहर के प्रबुद्ध एवं जागरूक नागरिकों, झील विकास प्राधिकरण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। राज्य अतिथि गृह नैनीताल (नैनीताल क्लब ) में अपराह्न 3.00 बजे आहूत इस बैठक में शहर के प्राकृतिक स्वरूप को बरकरार रखने के लिए, शहर को विभिन्न प्रकार के प्रदूषण, अवैध निर्माण, अनियंत्रित यातायात तथा बढती जनसंख्या जैसे दबाबों से बचाने हेतु व्यवाहारिक पक्षों पर विचार किया जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक सौन्दर्य व सम्पदा से भरपूर उत्तराखण्ड़ के प्रति विगत एक सप्ताह से प्रकृति ने कहर बरपाकर जो नाराज़गी व्यक्त की है उस पर समय रहते प्रत्येक स्तर गम्भीर चिंतन आवश्यक है। इसी क्रम में राज्यपाल की अपेक्षानुसार बैठक में शहर के जागरूक नागरिकों, वैज्ञानिक, पर्यावरण के प्रति समर्पित संगठनों के प्रतिनिधियों सहित मीडिया प्रतिनिधियों के सुझावों पर वैचारिक मंथन किया जायेगा।
राज्यपाल स्थानीय नागरिकों तथा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे
देहरादून, 20 जून, । पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार राज्यपाल ने गुरूवार पूर्वाह्न में रामनगर के लिए प्रस्थान किया है जहॉ वे लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में स्थानीय नागरिकों तथा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न स्थानीय समस्याओं पर चर्चा के साथ ही राज्यपाल रामनगर क्षेत्र में संभावित दैवीय आपदा से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन व अन्य विभागों द्वारा किए गये प्रबंधो का जायजा भी लेगें। राज्यपाल ने कार्बेट पार्क क्षेत्र में बढ़ती वन्य जीव हत्या/तस्करी विशेषतः बाघों की हत्या की शिकायतो/सूचनाओं को अत्यंत गम्भीरता से लिया है इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए राज्यपाल वन विभाग के स्थानीय कर्मियों तथा नागरिकों से भी वार्ता करेगें। राज्यपाल द्वारा आज रामनगर में आयोजित बैठक मुख्यतः बाघों की बढती हत्या पर केन्द्रित होगी। राज्यपाल का आज सायंकाल ही राजभवन नैनीताल वापसी का कार्यक्रम निर्धारित है।
राज्य सरकार ने जारी किये हैल्प लाइन नंबर
देहरादून, 20 जून, । राज्य में आई भीषण दैवीय आपदा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा हैल्पलाइन नंबर जारी किये गये है। राज्य मुख्यालय आपातकालीन परिचालन केन्द्र, सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसमें जनपदवार सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्मिक तैनात किये गये है। इस कड़ी में भास्करानंद, सचिव आपदा प्रबंधन 9837542221, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के दूरभाष नंबर- 0135-2710334, 2710335, 6555523, 6555524, 09755444486। वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र में जनपदवार सूचनाओं हेतु निम्न हैल्प लाइन नंबर जारी किये गये है। जिनमें रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, नैनीताल से दीपक पटेल, सुनील बड़ोनी जिनके दूरभाष नंबर - 09808151240, 09837134399 हैं, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, हरिद्वार से आशीष रावत, मुकेश यर्शो जिनके दूरभाष नंबर - 999779124, 9451901023 हैं, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, पिथौरागढ़ से सुशील खण्डूरी, सुबोध खण्डूरी जिनके दूरभाष नंबर - 9456755206, 9634535758 उक्त हैल्प लाइन के संबंध में अधिक जानकारी राज्य की अधिकारिक बैबसाइट यू.के.जीओवी.ईन पर भी उपलब्ध है।
किसानों के सामने पैदा हुआ दोहरा संकट
धनौरी/देहरादून, 20 जून, । घाड़ क्षेत्र में गत तीन दिनो से हुई लगातार बारिश और बाढ के कारण किसानों के सामने दोहरा संकट पैदा हो गया है। बारिश से जहां किसानों की गन्ने, हरा चारा व सब्जियों की फसल नष्ट हो गई है वही खेतों में पानी कम नही होने से अगली फसल की बुआई के आसार भी समय से नही हो पाने के दिखाई दे रहे है। खेतो में पानी भरा होने से स्थिति ऐसी बनी हुई है कि किसानो को संकट झेलना पड़ सकता है। अगली फसल के लिए किसानों को पहले से तैयारी करनी पड़ती है लेकिन इस बार भारी बारिश और बाढ के कारण पानी खेतों में घुस गया है, किसानों की गन्ने, घास और सब्जियों की फसल जमीन पर गिर बर्बाद हो चुकी है। अब किसानों के समाने सबसे बड़ी चिन्ता यह है कि यदि खेतो का पानी कम नही हुआ तो अगली फसल की बुआई समय पर नही हो पायेगी। किसान यशपाल सैनी, मुल्कीराज सैनी, नाथीराम, अताहुसैन, ज्वार अली और जयपाल ने बताया बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और ऐसे मौसम में पानी सुखने में अभी काफी समय लग सकता है।
सील्ट आने से हो रही है बिजली प्रभावित, घंटो बिजली गुल रहने का खेल जारी
हरिद्वार/देहरादून, 20 जून, । बरसात के कारण अनेकों क्षेत्रों में बिजली प्रभावित हो रही है। उपनगरी ज्वालापुर के साथ-साथ धर्मनगरी के अनेकों क्षेत्रों में घंटों के लिये बिजली बाधित हो रही है। जहां देखों बिजली के कारण अनेकों दुश्वारियां लोगों को उठानी पड़ रही है। बार-बार क्षेत्र के नेता भी धरने प्रदर्शन कर थक चुके है। लेकिन बिजली गुल रहने का सिलसिला जारी है। उपनगरी ज्वालापुर के अनेकों क्षेत्र बिजली के कारण प्रभावित हो रहे है। व्यापारियों को भी भारी हानि झेलनी पड़ रही है। बिजली से सम्बन्धित उपकरणों की खरीदारी में भी भारी गिरावट आ रही है। व्यापारियों का कहना है पेट्रोल डीजल महंगा होने के कारण जनरेटर भी चलाना दुश्वारियांे भरा हो गया है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है। जबकि मेयर मनोज गर्ग जिलाधिकारी से बिजली सम्बन्धित समस्या को भी अवगत करा चुके हैं। उनका कहना है क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारू करने के लिये ट्रांसफार्मरों की संख्या को बढ़ाया जाये। जिससे बिजली बाधित होने का खेल खत्म हो सके। जबकि ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण चीला पावर हाऊस में सील्ट आने के कारण बिजली प्रभावित हो रही है। जिन कारणों से यह दिक्कतें हो रही हैं। जबकि वहीं स्थानीय लोगों का कहना है उर्जा निगम उदासीनता दिखा रहा है। बार-बार बिजली गुल रहने का सिलसिला जारी है। कई घंटों के लिये बिजली गुल रहती है। जिन कारणों से पानी सम्बन्धित किल्लतें और ज्यादा बढ़ जाती है। स्थानीय व्यापारी विनित कुमार, प्रमोद कुमार, राकेश, प्रभात कुमार आदि का कहना है अधिकारियों की ढींगामस्ती के कारण उपनगरी ज्वालापुर व धर्मनगरी के कई क्षेत्र बिजली के कारण प्रभावित हो रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है जल्द से जल्द बिजली की समस्या का निराकरण किया जाये।
सड़कों की हुई हालत खस्ता, जगह-जगह बने गड्ढे
हरिद्वार/देहरादून, 20 जून, । बरसात के कारण प्रशासन द्वारा किये गये कार्य क्षेत्र के लिये काम नहीं आ पा रहे है। जहां देखो बरसात से सड़कें बैठ चुकी हैं। सड़कों पर गड्ढे हो चुके हैं। रानीपुर स्थित सड़क के किनारे भारी वर्षा के कारण धंस चुके हैं जिन कारणों से यातायात प्रभावित हो रहा है। अनेकों दुर्घटनायें भी इन सड़कों के कारण हो रही है। निर्माण कार्यो में धंाधली साफ नजर आ रही है। हाल फिलहाल में रानीपुर स्थित सड़क को बनाया गया था लेकिन एक ही बरसात में सड़क के पत्थर बाहर आ चुके है। सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है। अनेकांे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग अधूरे पड़े कार्यो को पूरा करने में फेल साबित हो रहा है। पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कहा अधिकारियों की उदासीनता व अपने चहेते ठेकेदारों को निर्माण कार्य दिये जा रहे है। कार्यो में मोटी कमीशन खाकर सड़कें बनाई जा रही हैं जो सड़कें वर्षो तक चलनी चाहिये थी वह सड़कें मात्र एक ही बरसात में ध्वस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह सड़कों पर गड्ढे गलत तरीके से सीवर के कार्य किये जा रहे है। बार-बार अधिकारियों के तालमेल न होना जनता पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा जल्द से जल्द अधिकारी उदासीनता छोड़ अपने कार्यो को करें। भगत सिंह चौक स्थित सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं। टायल्स उखड़ चुकी है। कटहरा बाजार चौकी की सड़क अधूरी पड़ी हुई है। सड़क के किनारों पर पत्थर डाल दिये गये हैं। रेलवे फाटक के पास पानी भरने की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही हैं जहां देखो बरसात के कारण सड़कें उखड़ी पड़ी हुई है। आये दिन दुर्घटनाओं को न्यौता दिया जा रहा है। जहां देखों क्षेत्र में सड़कों पर आम आदमी चर्चा करते हुए दिखाई दे रहा है। जनता के दुख से लगता है किसी को कोई सरोकार नहीं है। राजनैतिक दल भी कुछ समय के लिये मरहम लगाने के लिये पहुंच जाते है। धरातल पर कुछ भी होता नहीं दिख रहा है।
(राजेन्द्र जोशी)
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