अच्छी-खासी संख्या में कंपनियों के क्षमता विस्तार योजना को देखते हुए भारत में इस वित्त वर्ष के दौरान निवेश की रफ्तार बढ़ सकती है जिससे आर्थिक विकास में सुधार की उम्मीद जगती है। इस आशय का खुलासा एक सर्वेक्षण में हुआ है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, 44 प्रतिशत कारोबारी इस वित्त वर्ष के दौरान अपना घरेलू निवेश बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
सीआईआई ने अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा है, "यहां तक कि मौजूदा आर्थिक मंदी के माहौल में भी 37 प्रतिशत प्रतिभागियों को मौजूदा वर्ष में अपने निवेश स्तर में कमी आने का कोई कारण नहीं दिखा है।" सीईओ ने भारत से बाहर भी अपने निवेश को लेकर इसी तरह की भावना व्यक्त की। जहां 50 प्रतिशत ने अपने विदेशी निवेश में किसी तरह के बदलाव की भविष्यवाणी नहीं की, वहीं 37 प्रतिशत ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि दर्शायी।

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