अटल, कर्पूरी और लोहिया को मिले भारत रत्न : नीतीश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 18 नवंबर 2013

अटल, कर्पूरी और लोहिया को मिले भारत रत्न : नीतीश


nitish kumar
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपनी ही पार्टी के सांसद शिवानंद तिवारी द्वारा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर सवाल उठाए जाने वाले बयान को उनकी व्यक्तिगत राय बताया। उन्होंने हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, कर्पूरी ठाकुर और महान चिंतक राम मनोहर लोहिया को भारत रत्न देने की मांग कर डाली। 

पटना में पत्रकारों द्वारा भाजपा नेताओं की ओर से वाजपेयी को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मांग करने में दिक्कत क्या है? लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी, कर्पूरी ठाकुर और लोहिया जैसे ऐसे कई नाम हैं जिन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। 

सांसद तिवारी द्वारा तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर प्रश्न खड़ा करने के सवाल पर उन्होंने कहा, "ऐसे मुद्दे पर सभी लोगों का अलग-अलग नजरिया होता है। किसी पार्टी या संगठन का नजरिया ऐसे मुद्दे पर नहीं होता है।"  उन्होंने कहा, "जहां तक सचिन का प्रश्न है तो खेल के क्षेत्र में सचिन ने जो स्थान और मुकाम हासिल किया है, उसे देखते हुए भारत रत्न दिया जाना स्वागत योग्य कदम है।" 

इसके पूर्व बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और सांसद तिवारी ने महान क्रिकेटर तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये कमाने वाले खिलाड़ी को भारत रत्न देने का कोई औचित्य नहीं है।  तिवारी ने यह भी कहा कि जिस तरह भारत रत्न की मांग हो रही है, उससे तो लगता है कि भारत रत्न देने की परंपरा को ही समाप्त कर देना चाहिए। 

तिवारी ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद और राजनेता कर्पूरी ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि देश में ऐसी कई शख्सियतें हैं, जो सचिन से पहले भारत रत्न की हकदार थीं।  उन्होंने सवाल उठाया कि खेल मंत्रालय ने तो खेल दुनिया से ध्यानचंद को भारत रत्न देने की वकालत की थी तब फिर सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा कैसे की गई? जद (यू) नेता ने कहा कि आज क्रिकेट में बेहिसाब पैसा है, क्रिकेट ने सारे खेलों को बर्बाद कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जिस दिन सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा की गई थी, उसी दिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे सही कदम बताया था। 

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