बिहार : बेहतर इंसान बनने के लिए बापू को याद करें - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 29 जनवरी 2014

बिहार : बेहतर इंसान बनने के लिए बापू को याद करें

remeber bapu patna
पटना। बापू के जन्म दिन 2 अक्तूबर से पैगाम-ए-मोहब्बत का प्रसार और प्रचार किया जा रहा है। इसका समापन बापू के शहादत दिवस 30 जनवरी को होगा। शहादत दिवस पर 11 बजे से 11 बजकर 2 मिनट तक बापू को मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया जाएगा। 

कुछ समय बाद देश एक नये गांधी की तलाश करने लगता हैं लेकिन देखा गया है कि लोगों के लिए अक्सर गांधी का मतलब भजन या उपवास या बिना हथियार के कोई सामाजिक कार्रवाई करना ही मात्र रह गया है। किसी भी व्यक्ति के जीवन को समझने के लिए हमें यह देखना चाहिए  कि वह किन मूल्यों के लिए प्राण देने को तैयार है। उन मूल्यों से ही उसके जीवन का असली अर्थ समझा जा सकता है। इस तरह गांधी के जीवन का संदेश उनके जीवन के अन्य प्रसंगों से कहीं अधिक उनकी मृत्यु में छिपा हुआ है। जीवन भर सामाजिक कार्रवाई के कारगर साधन के रूप में अहिंसा  की साधना करने वाले गांधी ने हिंसा का शिकार होकर प्राण त्यागे। नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी,1948 को गोली मारकर उनकी हत्या की। 

सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार प्रसाद ने कहा कि बेलीरोड-दानापुर मुख्य मार्ग पर स्थित बेलीरोड आॅवर ब्रिज की पश्चिमी तरह मानव श्रृखंला बनाएंगे। मावन श्रृखंला बनाने के लिए लोग साढे़ बजे जमा होंगे। इसके बाद नफरत और हिंसा के खिलाफ दो मिनट का सत्याग्रह ठीक 11 बजे शुरू हो जाएगा। इसके 2 मिनट बाद सत्याग्रह समाप्त हो जाएगा। सभी साम्प्रदायिक एकता के पक्षधार और पेरोकारों से निवेदन किया गया है। इस अवसर पर उपस्थित होकर साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ आवाज बुलंद और शक्ति का इजहार करें। 



आलोक कुमार  
बिहार 

कोई टिप्पणी नहीं: