मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संस्कृत और र्जमनी को लेकर उठे देश में विवाद को पूरी तरह .मनगढंत. बताया है। श्रीमती ईरानी ने आज यहां ..विकलांगों के लिए सूचना प्रौद्योंगिकी.. विषय पर यूनेस्को द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के बाद यूनीवार्ता द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही।
यह पूछे जाने पर कि .संस्कृत बनाम र्जमनी. को लेकर चल रहे विवाद को कैसे सुलझाया जाएगा. श्रीमती ईरानी ने कहा कि यह पूरा विवाद कुछ लोगों द्वारा जान बूझकर खडा किया गया है। यह एक तरह से मनगढंत है। इसलिए जानबूझकर खडा किये गए विवाद को सुलझाने का सवाल ही नहीं उठता।..
यह पूछे जाने पर कि संसद के शीतकालीन सत्र में शिक्षा से जुडे क्या नए विधेयक भी पेश कि ए जाएंगे. श्रीमती ईरानी ने कहा कि .कुछ विधेयक जरूर आएंगे।.. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कौैन..कौन से विधेयक आएगे। गौरतलब है कि श्रीमती ईरानी ने संस्कृत को स्कूलों में अनिवार्य भाषा बनाए जाने की मांग को खारिज कर दिया है लेकिन र्जमन को एक विदेशी भाषा के तौर पर पढाए जाने का र्समथन किया है। लेकिन कुछ दिनों से देश में संस्कृत बनाम र्जमन भाषा का विवाद भी खडा हो गया है और केन्द्र भारत में राजदूत की संस्कृत के खिलाफ .लाबिंग. पर नजर भी रखे हुए है।

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