सुप्रीम कोर्ट बड़े स्तर पर कदाचार के मद्देनजर रद्द किए गए ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट 2015 को पुन: आयोजित कराने के लिए और अधिक समय मांगने संबंधी सीबीएसई की याचिका पर सुनवाई करने को आज तैयार हो गया।
शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति एएम सप्रे की पीठ ने इस बारे में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय उस समय किया जब सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने पीठ के समक्ष इस विषय को रखा।
कुमार ने न्यायालय को बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय में फिर से परीक्षा आयोजित कराना असंभव है। उन्होंने कहा कि एक साथ सात परीक्षाएं आयोजित कराने के कारण बोर्ड पर पहले से ही काम का बहुत अधिक बोझ है। उसे फिर से परीक्षा आयोजित कराने के लिए कम से कम तीन महीने के समय की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को एआईपीएमटी-2015 को रद्द कर दिया था और चार सप्ताह के भीतर फिर से परीक्षा आयोजित कराने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार और कई स्थानों पर छात्रों को परीक्षा हॉल में सवालों के जवाब मुहैया कराए जाने को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया था।

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