कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र की राजग सरकार देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने और ध्रुवीकरण की राजनीति के तहत हिंदू आतंकवाद का मुद्दा उठा रही है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मीडिया से कहा कि तत्कालीन संप्रग सरकार के गृहमंत्री के बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है। राजग सरकार जान बूझकर ऐसा कर रही है। यह भाजपा की देश के लोगों को बांटने की एक सोची समझी रणनीति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कहा कि पार्टी दो समुदायों के बीच विवाद खड़ा करना चाह रही है।
आजाद ने कहा कि भाजपा के ऐसा करने का मकसद आतंकवाद से निपटने में अपनी नाकामी को छिपाना, संसदीय मंच का दुरुपयोग करना और अपने राजनैतिक विरोधियों, खासकर कांग्रेस को बदनाम करना है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस पर 'हिंदू आतंकवाद' शब्द को गढ़ने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की धार को कुंद करने का आरोप लगाया था। आजाद ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रही है। पार्टी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आंतकवाद के हाथों मरते देखा है।
उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, देश में ध्रुवीकरण बढ़ा है। यहां तक कि जम्मू एवं कश्मीर में भी ऐसा हुआ है। कश्मीर में आतंकवाद की समस्या हो सकती है लेकिन वहां के समाज का कभी भी ध्रुवीकरण नहीं हुआ था। लेकिन, भाजपा जब से जम्मू-कश्मीर की सत्ता का हिस्सा बनी है, तभी से इस राज्य में भी बड़े पैमाने पर ध्रुवीकरण बढ़ गया है।

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