संस्कृत किसी धर्म एवं जाति विशेष की भाषा नहीं : कुलपति - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 4 अगस्त 2016

संस्कृत किसी धर्म एवं जाति विशेष की भाषा नहीं : कुलपति

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दरभंगा 03 अगस्त, देश के प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालयों में शुमार कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 देवनारायण झा ने संस्कृत की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा है कि संस्कृत किसी धर्म और जाति विशेष की भाषा नहीं है बल्कि यह सभी वर्गो से जुड़ी विद्या है। श्री झा ने आज यहां कहा कि माध्यमिक स्तर तक संस्कृत भाषा की पढ़ाई अनिवार्य किया जाना जरूरी है। मनुष्य के चरित्र एवं सर्वगुण सम्पन्न राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी स्तरों पर संस्कृत भाषा की पढ़ाई किया जाना आवश्यक है। संस्कृत के विकास के लिए सभी वर्गो में संस्कृत का पैठ होना जरूरी है। उन्होंने प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी संस्कृत को अनिवार्य किये जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि तभी चरित्रवान प्रशासक चुनकर आऐंगे। कुलपति ने कहा कि संस्कृत भाषा के प्रति लोगों में घट रहे आकर्षण के कारण ही आज नैतिक आचरण में हास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासक का चरित्रवान होना आवश्यक है। संस्कृत की उपयोगिता आज भी बरकरार है। इसमें ज्ञान एवं चरित्र निर्माण की शक्ति निहीत है जो सबके लिए उपयोगी है और यही कारण है कि आज विदेशों में भी इसकी मांग है। 


डा0 झा ने कहा कि आज नहीं तो कल सबको संस्कृत पर आना होगा। “बसुधैव कुटुम्बकम” की भावना संस्कृत से ही मिली है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संस्कृत के साथ कंम्प्यूटर शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यालय समेत सात काॅलेजों में ‘‘सर्टिफिकेट कोर्स आॅफ कम्प्यूटर साईंस’’ की पढ़ाई शुरू की गयी है, वहीं दूरस्थ शिक्षा केन्द्र खोलने का प्रस्ताव कुलाधिपति को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी नौकरियों में इस भाषा को वेटेज दिया जाना जरूरी है। कुलपति ने आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से हाल में स्वीकृत 20 करोड़ रूपये से विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मुख्यालय में ज्येतिष विज्ञान आधारित प्रयोगशाला ‘‘तारा मंडल’’ का निर्माण किया जाएगा जो प्रदेश का दूसरा एवं उत्तर बिहार का पहला होगा। उन्होंने कहा कि इसके बनने के बाद खगोल विद्याा से जुड़े शोधार्थी ज्योतिष ज्ञान हासिल कर सकेगे। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय घटक के रूप में संस्कृत के प्रति आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी 15 से 21 अगस्त तक विश्वविद्यालय में संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत मुख्यालय एवं स्नातकोतर विभागों समेत सभी महाविद्यालयों में भी इसका आयोजन करने के निर्देश दिए गये है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के तहत सम्पूर्ण बिहार राज्य इसका क्षेत्र है लेकिन विवि से जुड़ा हुहा एक भी महिला काॅलेज नहीं है ,इसलिए महिला काॅलेज खोलने का प्रस्ताव भी राज्यपाल सह कुलाधिपति एवं राज्य सकार को भेजा गया है। 

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