एनडीटीवी और उसके प्रोमोटरों के खिलाफ की गयी कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावाना से प्रेरित: माले - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 6 जून 2017

एनडीटीवी और उसके प्रोमोटरों के खिलाफ की गयी कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावाना से प्रेरित: माले

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पटना 6 जून, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने पिछले दिनों एनडीटीवी और उसके प्रोमोटरों पर सीबीआई द्वारा की गयी छापेमारी को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि चूंकि एनडीटीवी मोदी सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करते रहती है, इसलिए उसे निशाना बनाया गया है. यह लोकतंत्र व मीडिया की स्वतंत्रता पर तीखा हमला है और देश में फासीवाद थोपने के चल रहे प्रयासों की अगली कड़ी है. उन्होंने कहा कि आइसीआइसीआई बैंक के 48 करोड़ रुपये के मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करते हुए सीबीआई ने यह छापेमारी की है, जबकि एनडीटीवी ने इसे पुराने व अंतहीन आरोपों के आधार पर बदले की कार्रवाई करार दिया है. एनडीटीवी का यह भी कहना है कि उसने सारे कर्ज चुकता कर दिए हैं. वहीं, दूसरी ओर सरकारी बैंकों का हजारों-करोड़ रुपया डकार चुके विजय माल्या पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और वह आराम से ब्रिटेन में बैठकर मैच का आनंद ले रहे हैं. यह मोदी सरकार के दोहरे चरित्र और अपने विरोधियों को उत्पीड़ित करने के लिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल करने का निंदनीय उदाहरण है. इसके पूर्व भी अरविंद केजरीवाल से लेकर लालू प्रसाद यादव के खिलाफ तो सीबीआई काफी सक्रिय दिखी, लेकिन भाजपा के भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे केंद्रीय मंत्रिया,ए मुख्यमंत्रियों और नेताओं पर सीबीआई ने आजतक कोई कार्रवाई नहीं की है. इससे प्रतीत होता है कि सीबीआई की कार्रवाइयां भ्रष्टाचार से लड़ने की बजाए पार्टी विशेष के संकीर्ण राजनीतिक हितों में की गयी कार्रवाइयां हैं, जो हमारे देश के लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है.

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