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शुक्रवार, 23 जून 2017

दुमका के उपायुक्त के रुप में मुकेश कुमार ने पदभार ग्रहण किया

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दुमका के निवर्तमान उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा से पदभार ग्रहण कर मुकेश कुमार ने दुमका के नये उपायुक्त के रुप में इस जिले की कमान संभाली। इस अवसर पर महत्वपूर्ण अभिलेखों पर हस्ताक्षर कर दोनों ही उपायुक्तों ने एक-दूसरे से प्रभार देने-लेने की औपचारिकताएँ पूरी कीं। उपायुक्त मुकेश कुमार 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। दुमका से पूर्व खूंटी, लातेहार व हजारीबाग के उपायुक्त के रुप में इन्होंने अपनी सेवाएँ दी है।  जेएनयू, नई दिल्ली के छात्र रहे मुकेश कुमार ने दुमका के उपायुक्त के रुप में पदभार ग्रहण कर निवर्तमान उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा को उनके नये स्थान देवघर के लिए अपनी शुभकामनायें दी। देवघर के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा (2011) ने भी दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार के प्रति सम्मान प्रकट किया व शुभकामनाएँ दी। 


अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें
दुमका के उपायुक्त का पदभार ग्रहण करते ही मुकेश कुमार ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर उनका परिचय प्राप्त किया व अपनी प्राथमिकताओं से उन्हें अवगत कराया। उपायुक्त ने कहा कि वे सभी अधिकारियों का सम्मान करते हैं तथा उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना भी करते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अधिकारी अपने कार्यों के प्रति व अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मियों पर पूरी पकड़ बनाए रखें। अपने कार्यों के लिए समयबद्ध एक्शन प्लान हो तथा वस्तुनिष्ठ तथ्यों से अवगत रहें। उन्होंने कहा कि केवल कार्य करते रहना महत्वपूर्ण नहीं बल्कि समयबद्ध परिणाम देना जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि टालमटोल या अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में पूरी तैयारी से अधिकारी आऐगें व बैठक को गम्भीरता से लेंगे। उन्होंने कहा अधिकारी चाहे वे किसी भी विभाग के हांे बिना उपायुक्त की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। अवकाश के लिए कोई मनाही नहीं पर बिना सूचना व किसी अन्य कार्य के नाम पर मुख्यालय से बाहर रहना स्वीकार्य नहीं होगा। उपायुक्त ने सभी प्रशिक्षु अंचल अधिकारियों व क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्धारित स्थल पर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि वे कभी भी औचक निरीक्षण में पहुँच सकते हैं। उपायुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि स्वच्छता मिशन उनकी पहली प्राथमिकता होगी। केवल शौचालय निर्माण के लक्ष्य को हासिल करना नहीं बल्कि पंचायत व प्रखंड को ओडीएफ करने का एक्शन प्लान लेकर सामने आना होगा। शिक्षा व स्वास्थ्य भी उनकी महत्वपूर्ण प्राथमिकतायें होंगी। नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी से उन्होंने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि सुबह-सुबह नगर की साफ-सफाई का खुद जायजा लें। सबकों कार्य के लिए प्रेरित करें।
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