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रविवार, 21 जनवरी 2018

कलाम स्पेस साइंटिस्ट तो मोदी सोशल साइंटिस्ट : राष्ट्रपति

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अहमदाबाद, 21 जनवरी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर पूरी नैतिकता और ईमानदारी के साथ प्रयास किया जाए तो यह कभी निरर्थक नहीं जाता। श्री कोविंद आज यहां गुजरात विश्वविद्यालय के 66 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्याय के दीक्षांत समारोह के इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्रपति की मौजूदगी दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम स्पेस साइंटिस्ट (अंतरिक्ष वैज्ञानिक)थे, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोशल साइंटिस्ट (समाज के वैज्ञानिक) हैं और गुजरात विश्वविद्यालय के लिए यह खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री इस विश्वविद्यालय में अध्ययन कर चुके हैं। वहीं, डॉ. कलाम भी इसे कर्मभूमि बनाकर यहां दो वर्षों तक अनुसंधान कार्य कर चुके हैं। ये दोनों सामान्य परिवार की पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्तित्व हैं, फिर भी दोनों ने जिन ऊंचाइयों को छुआ है उससे सभी छात्र प्रेरणा ले सकते हैं। कोविंद ने कहा कि श्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गुजरात में सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों की जड़ों को सुदृढ़ बनाया था। इसके साथ ही उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली आई-क्रिएट जैसी संस्थाओं की स्थापना कर ऐसा वातावरण सृजित किया जिसमें उद्यमिता को बल मिले। उनके लिए यही अनुकूल अवसर है जब वे अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें और इतनी ऊंचाई हासिल करें कि इन महानुभावों को भी पीछे छोड़ दें। उन्होंने अहमदाबाद को कर्मभूमि बनाने वाले डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कस्तूरीरंगन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार तो गुजरात की संस्कृति रही है और शायद यही गुजरात के विकास की मुख्य वजह है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी स्टार्टअप – स्टैंडअप इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियानों के जरिए युवाओं को आगे लाने के अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रहे हैं, ऐसे में छात्रों को भी इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। यह समय की मांग है कि औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र उन लोगों के बारे में विचार करें जो अभी भी शिक्षा और विकास से वंचित हैं। समारोह में छात्रों के मुकाबले छात्राओं को अधिक पदक मिलने पर खुशी जताते हुए श्री कोविंद ने कहा कि यह देखते हुए लग रहा है कि देश में वास्तव में महिला सशक्तिकरण हो रहा है। राष्ट्रपति ने सभी छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें लोकतंत्र के प्रतीक समान राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ओ.पी. कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी तथा शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र चूडासमा भी उपस्थित थे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 135 छात्रों को 242 पदकों से सम्मानित किया गया। इसमें विधि विभाग की एक छात्रा को सर्वाधिक 10 पदक प्राप्त हुए। कला संकाय में 16262 विज्ञान संकाय में 7473 इंजीनियरिंग में 186, विधि में 1023 चिकित्सा विज्ञान में 1096वा णिज्य में 24903 दंत चिकित्सा में 90 और शिक्षा संकाय में 4126 छात्रों सहित कुल 56159 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। आज ही गुजरात आये राष्ट्रपति कल वडोदरा में एम एस विश्वविद्यालय के 66 वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे और इसके बाद राजकोट जिले के गोंडल में अक्षर डेरी के 150 सें वर्षगांठ के समारोह में भाग लेने के बाद दिल्ली लौट जायेंगे।
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