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बुधवार, 7 फ़रवरी 2018

कांग्रेस ने बांटा देश, गांधी चाहते थे कांग्रेस मुक्त भारत : मोदी

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नयी दिल्ली 07 फरवरी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर देश के टुकड़े करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का विचार उनका नहीं बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का था क्योंकि आजादी के बाद वह इस पार्टी को भंग कर देना चाहते थे। श्री मोदी ने देश में लोकतंत्र स्थापित करने के कांग्रेस के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि यहां हजारों वर्षाें से लोकतांत्रिक परंपराएं रही हैं । प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। लोकसभा में कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों ने उनके पूरे भाषण के दौरान आन्ध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की और धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने से पूर्व अधिकांश विपक्षी दलों के सदस्य बहिगर्मन कर गये। राज्यसभा में श्री मोदी के जवाब से असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने भाषण के बीच में ही बहिगर्मन किया। प्रधानमंत्री के जवाब के बाद दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देशहित में नहीं बल्कि राजनीतिक स्वार्थ को ध्यान में रखकर फैसले किये । उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए की कांग्रेस ने देश का विभाजन कराया और कहा कि उसने जो जहर बोया उसका खामियाजा देश आज तक भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस काे यह अहंकार है कि देश काे लोकतंत्र प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू आैर उसने दिया है जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में लोकतंत्र हजारों साल से है। उन्होंने कहा ,‘कांग्रस हमें लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाये। ’  श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा एक ही परिवार का गुणगान करती आयी है। सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया गया जबकि कांग्रेस की 15 में से 13 कमेटी उनके उनके पक्ष में थी। सरदार पटेल अगर प्रधानमंत्री बन गये होते तो आज कश्मीर समस्या नहीं होती।  राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के ‘गांधी वाला पुराना भारत’ लौटाने के बयान पर श्री मोदी ने कहा कि उन्हें भी गांधी वाला ही भारत चाहिए जिसमें राष्ट्रपिता ने कांग्रेस मुक्त भारत की बात कही थी। उन्होंने कहा , “ कांग्रेस मुक्त भारत का विचार मेरा नहीं बल्कि गांधी जी का था। राष्ट्रपिता का यह मानना था कि आजादी के बाद कांग्रेस की कोई जरूरत नहीं है और उसे भंग कर देना चाहिए। हम तो राष्ट्रपिता के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। ” श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस को सेना के जीप घोटाले वाला, पनडुब्बी घोटाले वाला ,इमरजेंसी वाला , बोफोर्स घोटाले वाला भारत चाहिए। इस पार्टी को भारत चाहिए जिसमें ‘ बड़ा पेड़ गिरने’ पर हजारों निर्दोष सिखों की हत्या हुई थी। उसे ‘न्यू इंडिया ’ नहीं चाहिए।  प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की विभिन्न योजनाएं गिनायी और कहा कि अलग अलग क्षेत्रों में उसने तीन साल में पिछली सरकार की तुलना में कहीं ज्यादा काम किया है। इस संदर्भ में उन्होंने सड़कों , रेलवे लाइन , ऑप्टिकल फाइबर के विस्तार आदि का उल्लेख किया।  उन्होंने एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के बारे में विचार करें। उन्होंने कहा कि ऐसा कर हजारों करोड रूपये बचाये जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी दल मिल बैठकर इस बारे में कोई रास्ता खोज सकते हैं। वर्ष 1967 तक चुनाव एक साथ होते थे जो एक स्वस्थ परंपरा है।
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