गाँधी आज भी प्रासांगिक हैं- छब्बन - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

गाँधी आज भी प्रासांगिक हैं- छब्बन

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जमशेदपुर, (आर्यावर्त डेस्क), गाँधी कोई एक व्यक्ति नहीं अपितु एक सम्पूर्ण संस्था थे और महात्मा गाँधी आज भी उतने ही प्रासांगिक हैं जितने अपने जीवन काल में थे. सत्य ,अहिंसा और सर्वधर्म सदभाव की अविरल धारा ने ही गाँधी जी को गाँधी से महात्मा गाँधी बना दिया. राष्ट्रपिता मोहन दास करम चंद्र गाँधी की 7० वीं पुण्यतिथि पर आज जमशेदपुर के बिष्टुपुर अपना बाजार प्रांगण में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए  कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता एस.आर.ए.रिज़वी छब्बन ने कहा कि गाँधी के आदर्शों पर चल कर उनके सपनों के भारत का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. कार्यक्रम का सञ्चालन विजय सिंह और धन्यवाद् ज्ञापन रहमान ने किया.कार्यक्रम में कमलेश पांडेय,अजय मिश्रा,प्रमोद कुमार झा,कमल कांत शुक्ला,सनाउल्लाह अंसारी,मो.अनवर,मुस्ताक,रवि सोनकर,संजय आज़ाद,सूफियान आदि उपस्थित थे.
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