केवल डयूटी नहीं, गरीबी से निजात दिलाने के लिए कर्तव्यों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करें : रघुवर दास - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 17 मई 2018

केवल डयूटी नहीं, गरीबी से निजात दिलाने के लिए कर्तव्यों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करें : रघुवर दास

  • फ्लैगशिप योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा

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रांची-दुमका (अमरेन्द्र सुमन) दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल के जिलों की फ्लैगशिप योजनाओं की झारखण्ड मंत्रालय में समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जिलाधिकारियों से  कहा कि केवल डयूटी नहीं, आत्मसंतुष्टि के लिए समाज को गरीबी से निजात दिलाने  व कर्तव्यों  के  उत्कृष्ट उदाहरण  के लिए काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड बदल रहा है और मुझे विश्वास है कि तत्पर और प्रतिबद्ध प्रयास से झारखण्ड देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा। आदिवासी विकास समिति /ग्राम विकास समिति गांवों की तकदीर बदलेगी :- मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी विकास समिति / ग्राम विकास समिति जन सहभागिता को विकास से जोड़ते हुए गरीबी दूर करेगी और गांवों के विकास की नई तकदीर लिखेगी। 5 लाख रू  तक के विकास योजनाओं का पैसा सीधे इन समितियों को मिलेगा। गांव वाले मिल कर अपनी प्राथमिकता के अनुसार योजना का चयन कर उसे पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि जनशक्ति में ही सरकार की शक्ति निहित है। अपना गांव अपना कार्य जमीन पर उतरेगा।  राज्य की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलेगा स्मार्ट फोन :- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को स्मार्ट फोन दिया जाएगा जिसमें वे बच्चों के सभी आंकड़े अपडेट करेंगे। सभी सीडीपीओ की यह जवाबदेही होगी कि वे उन्हें स्मार्ट फोन के उपयोग से आंकड़े अपडेट करने के लिए प्रशिक्षित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आठ जिलों में रेडीटूईट बनाने का पलान्ट लगाया जाएगा। जनवरी 2019 से कार्य प्रारम्भ होगा तथा प्लांट से आंगनबाड़ी केन्द्रों तक रेडी टू ईट का परिवहन भी सखीमण्डल के माध्यमों से ही किया जाएगा। 

महिलाएं ही इन कम्पनियों की मालिक होंगी तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में यह मील का पत्थर होगा।  24 मई से 7 जून तक जल संग्रहण पखवाड़ा और इस दौरान 1000 तालाब का निर्माण पूरा होगा  :- मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 मई को जल संग्रहण दिवस मनाया जाएगा। इसी  दिन से पूरे राज्य में 1000 तालाब की खुदाई शुरू होगी। 7 जून तक इसका निर्माण पूरा हो जाना चाहिए। सभी तालाबों की सूची पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रहेगी। उपायुक्त मापी एवं पर्यवेक्षण का विशेष ध्यान रखें। पीलर अथवा अन्य  माध्यम से इसकी गहराई तथा सभी मापदण्ड को एहतियात और निगरानी के साथ निर्माण को पूरा करें। इससे जल संग्रहण को बढ़ावा मिलेगा। एसपीरेशनल जिलों के प्रभारी सचिव भी इसकी निगरानी करेंगे। दक्षिणी छोटानागपुर के पांचों जिलों में 251 पर्कुलेशन टैंक गांवों में आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति के माध्यम से बनाए जाएंगे। माॅडल स्कूल निजी स्कूलों को टक्कर दें :  मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि शिक्षा के द्वारा गरीबी दूर होगी। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में 89 माॅडल स्कूल बनाए गए हैं, जिनमें डीसी जरूरत के हिसाब से घंटी आधारित शिक्षक की बहाली करें। किसी भी कीमत पर पढ़ाई की दृष्टि से इन विद्यालयों को गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों के पुनर्गठन के बाद शिक्षकों को नए विद्यालयों में पदस्थापित करें। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पुराने पाठ्यपुस्तकों विद्यालय को वापस करेंगे उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कस्तुरबा विद्यालयों में गलत नामांकन न हो। गलत नामांकन को चिन्हित कर उन्हें रद्द करें। कहा कि कस्तुरबा से पास होने वाली प्रतिभाशाली लड़कियों को राज्य के बेहतरीन महाविद्यालयों जैसे इंजीनियरिंग व  मेडिकल संस्थानों में शिक्षा के योग्य बनाया जाए तथा जो आगे नहीं पढ़ सकती उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करें। 

बाल विवाह रोकने वाले पंचायतों को सम्मान और प्रोत्साहन/यक्ष्मा का होगा उन्मूलन :  मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि महिलाओं व  बच्चियों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रहेगा। बाल विवाह हर हाल में न हो। बाल विवाह रोकने वाले पंचायतों को सम्मान और प्रोत्साहन दोनों मिलेगा। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि यह दुख की बात है कि राज्य में 6 प्रतिशत मृत्यु गर्भपात से होती है। कम उम्र में विवाह इसका कारण है। बेटी बचाव और बेटी पढ़ाओ का जागरूकता अभियान पूरे राज्य में चलता रहना चाहिए। यक्ष्मा के रोगी की पहचान करने और अस्पताल तक लाने वाले को 500 रू0 दिए जाने का प्रावधान है। यक्ष्मा रोग और उसके प्रसार पर पूरी तरह रोक लगाए जाने की जरूरत है। 108 मोबाईल चिकित्सा वैन चालकों को सलाम :  मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्त्रोत से प्राप्त जानकारी से यह ज्ञात है कि काॅल आते ही चार मिनट के अंदर 108 मोबाईल चिकित्सा वैन मरीजों तक पहुंच जाती है। दिन रात बेहतर काम करने वाले इन चालकों को बधाई और सलाम। मुख्यमंत्री ने कहा जो अच्छा कार्य करे उसका सम्मान हो, जो शासन पर बोझ बन गए ऐसे अधिकारी कर्मी कोई भी हों उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए। हर  हाल में रौशन होंगे सभी घर-सभी गांव : मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से यह स्पष्ट कहा कि वे अपने लगातार निगरानी से सौभाग्य योजना की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि इस वर्ष के अंत तक हर हाल में सभी घर सभी गांव रौशन हो। विद्युतीकरण कार्य में कोई भी बाधा आए उसे दूर करें।  गरीब बेघर न रहे : 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस प्रमण्डल के लिए निर्धारित लगभग 34, 000 के विरूद्ध अब तक 26, 000 घर बन चुके हैं। ग्रामीणों को यह पता रहे कि उनका नाम प्रतीक्षा सूची में कहां है। दीवाल लेखन के माध्यम से प्रतीक्षा सूची प्रदर्शित करें। गुमला, खूंटी, रांची जल्द हो ओडीएफ : मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहरदगा व सिमडेगा ओडीएफ हो चुके हैं।  जल्द ही गुमला, खूंटी,  रांची भी ओडीएफ के लक्ष्य को पूरा करें। इस वर्ष महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छता के उदेश्यों को पूरा करते हुए पूरा राज्य ओडीएफ होना चाहिए। 15 नवम्बर 2018 तक पूरे राज्य के उज्जवला लाभुकों का केवाईसी पूरा करें : मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जवला और उज्जवला प्लस के सभी लाभुकों का केवाईसी 15 नवम्बर 2018 तक पूरा करें। उन्होंने कहा कि पीडीएस डीलर को इस काम में लक्ष्य देते हुए आवंटित करें।  बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से कहा कि वे प्रतिदिन किसी एक योजना की समीक्षा करें। संवेदनशील होकर योजनाबद्ध तरीके से मिशन मोड में काम करें। अच्छी सरकार वह होती है जो कम से कम हुक्म दे। उपायुक्तों ने अपनी समस्याएं भी सरकार के सामने रखी जिसका समाधान और दिशा निर्देश तत्समय बैठक में दिया गया। बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त अमित खरे, अपर मुख्य सचिव वित्त सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ.सुनील कुमार वर्णवाल सहित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव तथा रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला एवं लोहरदगा के उपायुक्त उपस्थित थे।
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