डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019

डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार

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बच्चों के मध्य विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार उत्तर प्रदेश, लखनऊ के लोकप्रिय लेखक और 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को दिया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप उन्हें दो लाख रूपये नकद, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा अपनी वेबसाइट में की गयी है।  ज्ञातव्य है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने वाले महत्वपूर्ण व्यक्तियों/संस्थाओं को 6 श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाता है। प्रथम श्रेणी के पांच लाख का पुरस्कार तथा पांच अन्य श्रेणियों, जिनमें प्रिंट मीडिया, बच्चों में विज्ञान लोकप्रियकरण, अनुवाद, परम्परागत माध्यम और इलेक्ट्रानिक मीडिया शामिल हैं, में दो-दो लाख रूपये के पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। ये पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 28 फरवरी प्रदान किये जाते हैं।

वर्ष 2018 के लिए घोषित विज्ञान संचार पुरस्कारों में प्रिंट मीडिया के लिए हुद्रम बीरकुमार सिंह, मणिपुर, मनींद्र कुमार मजूमदार, असम, प्रोफेसर मानसी गोस्वामी, उड़ीसा को, बच्चों के मध्य विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए रूरल एग्रीकल्चरल डेवलेपमेंट सोसायटी, आंध्र प्रदेश, डॉ. राजकुमार उत्तर प्रदेश व डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश', लखनऊ, उत्तर प्रदेश को पुरस्कृत किया जाएगा। अनुवाद के लिए इस वर्ष का पुरस्कार प्रोफे. मनीष रत्नाकर जोशी, परम्परागत माध्यम के लिए डॉ. बृजमोहन शर्मा, उत्तराखण्ड, डॉ. सुनीता झाला राजस्थान, व इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए डॉ. अंकुरन दत्ता, असम को पुरस्कृत किया जाएगा। इन सभी विज्ञान संचारकों को दो-दो लाख के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष के मुख्य श्रेणी के पुरस्कार के लिए किसी व्यक्ति/संस्था का चयन नहीं किया गया है। बच्चों के मध्य विज्ञान विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित होने वाले डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' देश के जाने-माने रचनाकार हैं, जो अपनी विज्ञान कथाओं के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। डॉ. रजनीश गत दो दशकों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने वाले साहित्य का सृजन कर रहे हैं। उनकी 60 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे हिंदी की लोकप्रिय ब्लॉग पत्रिका 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक हैं, जो देश की आई.एस.एस.एन. नम्बर प्राप्त इकलौती हिन्दी ब्लॉग पत्रिका है तथा इसे अब तक लगभग 02 करोड़ हिट प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा वे 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन', 'सर्प संसार' और 'टेकगेप' नामक ब्लॉग पत्रिकाओं के द्वारा भी विज्ञान संचार की अलख जला रहे हैं। बताते चलें कि डॉ. रजनीश 'तस्लीम' (टीम फॉर साइंटिफिक अवेयरनेस आन लोकल इश्यूज़ इन इंडियन मॉसेस) नामक संस्था के महासचिव भी हैं और इसके माध्यम से विज्ञान संचार सम्बंधी सम्मेलन, गोष्ठी और कार्यशालाओं का आयोजन करते रहते हैं , जिनसे अबतक हजारों बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' की इन उपलब्धियों के लिए उन्हें अब तक बॉब्स अवार्ड, जर्मनी, कथा महोत्सव पुरस्कार, शारजाह, यू.ए.ई. सहित तीन दर्जन से अधिक पुरस्कार/सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।  

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