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मंगलवार, 21 मई 2019

बेगूसराय : किसानों की समस्या के लिये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र

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अरुण कुमार (आर्यावर्त) बेगुसराय के किसानों के हक़ में गेहूँ अधिप्राप्ति प्रक्रिया को अविलंब तेज करने,खरीद किये गये गेहूँ का भुगतान समय पर करने का आग्रह किया है।उन्होंने कहा है कि बेगूसराय में गेहूँ अधिप्राप्ति का लक्ष्य गेहूँ के उत्पादन के अनुरूप होना चाहिए।साथ ही गेहूँ अधिप्राप्ति की प्रक्रिया सरल एवं व्यवहारिक हो ताकि किसानों को गेहूँ की बिक्री और भुगतान समय पर हो सके।उन्होंने अधिप्राप्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ाने की माँग की है,ताकि गेहूँ अधिप्रप्ति के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

जिले में 2 लाख 39 हजार मैट्रिक टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा नेता रजनीश कुमार ने कहा है कि बेगूसराय में गेंहूँ अधिप्राप्ति का हाल खस्ता है।किसान अपना गेहूँ सस्ते दर में बिचौलिये और व्यापारी के हाथों बेचने के लिए मजबूर हैं।उन्होंने कहा है कि बेगूसराय जिला गेहूँ उत्पादन में अग्रणी जिला है।इस बार भी गेहूँ का रिकार्ड उत्पादन हुआ है।सरकारी आँकड़ोंं के मुताबिक इस बार बेगूसराय जिला में 2,39,000 एमटी गेहूँ का उत्पादन हुआ है।केन्द्र सरकार ने गेहूँ का समर्थन मूल्य 1840/- प्रति क्वींटल तय किया है।किसानों को उम्मीद थी कि 1840/- रुपये में उसका गेहूँ बिकेगा।किसान बड़े लाभ का उम्मीद लगाये बैठे थे,परन्तु गेहूँ अधिप्राप्ति में लगे विभागीय पदाधिकारी एवं उनके तंत्र के उदासीनता के कारण बेगूसराय सहित राज्यभर के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है।

जिले में उत्पादन से काफी कम है अधिप्राप्ति लक्ष्य।
रजनीश कुमार ने बताया कि सरकारी स्तर पर गेहूँ अधिप्राप्ति का लक्ष्य बेगूसराय के लिए इस बार मात्र 10000 एमटी रखा गया है जो उत्पादन का 5 प्रतिशत से भी कम है।ऐसे में न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सिर्फ कुछ ही किसानों को मिल पाएगा।जिले के अन्दर 258 पैक्स हैं लेकिन सिर्फ 70 पैक्सों को ही गेहूँ खरीदने में लगाया गया है।आगे आपको बताते चलें कि 30 जून तक ही गेहूं का अधिप्राप्ति कर लेना है।जानकारी के अनुसार अबतक मात्र 43 एमटी ही खरीद हो पायी है।विभागिय उदासीनता एवं अधिप्राप्ति के जटिल प्रक्रिया के कारण पिछले साल भी गेहूँ अधिप्राप्ति में बेगूसराय अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँचा था और इस बार भी 10000 एमटी के छोटे लक्ष्य को पार नहीं कर पायेगा।

सरकारी तंत्र पर उदासीनता का आरोप।
उन्होंने कहा है कि सरकारी तंत्र किसानों के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार एवं नीति के कारण बेगूसराय के गेहूँ उत्पादक किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है।बेगूसराय गेहूँ उत्पादक जिला है।यहाँ धान की उपज गेहूँ से काफी कम होती है,पर धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 2,00,000 एमटी रखा जाता है वहीं गेहूँ का मात्र 10,000 एमटी रखा जाता है।सरकार की इस नीति के कारण बेगूसराय के किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात की है।न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया है।इसका विस्तार अन्य फसलों के लिए भी किया है परन्तु सरकारी तंत्र जबतक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान की फसल को खरीदने के लिए तैयार नहीं होगा तबतक बाजार में व्यापारी भी किसान को उसके उत्पादन का सही मूल्य नहीं देंगे।

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