पूर्णिया : चौक चौराहे पर महापुरूषों की प्रतिमा लगने के बाद युवा जान पाएंगे देश का कितना था सुनहरा अतीत - Live Aaryaavart

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बुधवार, 26 जून 2019

पूर्णिया : चौक चौराहे पर महापुरूषों की प्रतिमा लगने के बाद युवा जान पाएंगे देश का कितना था सुनहरा अतीत

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कुमार गौरव । पूर्णिया : 25 जनवरी को मेयर सविता देवी की अध्यक्षता में  सशक्त स्थायी समिति की बैठक नगर निगम के सभागार में हुई थी। जिसमें विभिन्न विकास के मुद्दों के साथ साथ शहर के सभी चौक चौराहे पर वीर शहीदों की प्रतिमा लगाए जाने पर भी सहमति बनी थी। ताकि आज के युवा यह जान सके कि उनके देश का अतीत कितना वैभवशाली था। भले ही इस फैसले को लिए छह से ज्यादा का वक्त बीत गया हो लेकिन हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी के राष्ट्रीय सलाहकार सह समाजसेवी गंधर्व आनंद का कहना है कि मेयर व सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों का यह फैसला सही मायने में युवाओं को सही दिशा दिखाने का है। युवा जान पाएंगे कि उनके देश के वीर शहीदों ने देश की रक्षा के लिए किस तरह अपने प्राणों की आहुति तक दे दी। उन्होंने कहा कि गुलाबबाग जीरोमाइल चौराहे पर महाराणा प्रताप की आदमकद घोड़े पर सवार प्रतिमा, बिहार टॉकीज चौराहे पर परमवीर शहीद अब्दुल हामिद की आदमकद प्रतिमा, मरंगा जीरोमाइल चौक पर डॉ भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा, एसपी कोठी मोड़ पर बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा, मंझली चौक पर चंद्रशेखर आजाद की आदमकद प्रतिमा, कटिहार मोड़ पर भगत सिंह की आदमकद प्रतिमा, फोर्ड कंपनी चौक पर छत्रपति शिवाजी का घोड़े पर सवार आदमकद प्रतिमा एवं बेलोरी चौक पर मध्य भाग पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  की प्रतिमा व नेता जी सुभाषचंद्र बोस की स्वीकृति का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने आरएन साह चौक को बाबू वीर कुंवर सिंह चौक के नाम से नामित करने की स्वीकृति पर भी हर्ष व्यक्त किया है। 

...आने वाली पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा : 
गंधर्व आनंद ने कहा कि शहर के चारों ओर मुख्य बाजार व चौक चौराहे पर महापुरूषों की प्रतिमा लग जाने से वर्तमान व आने वाली पीढ़ी को इनसे प्रेरणा मिलेगी। पूरे शहर में किसी महापुरुष, क्रांतिकारियों की प्रतिमा नहीं है। इन प्रतिमाओं के लग जाने से शहर में चार चांद लग जाएगा। हालांकि उन्होंने इन महापुरूषों के अलावा भी कई अन्य देश के वीर शहीदों के नाम गिनाए हैं और जल्द ही मेयर व नगर आयुक्त विजय कुमार सिंह से मिलकर वे अपना मांग पत्र भी सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम शहीदों में बेगम हजरत महल, मौलाना शिब्ली नोमानी, हसरत मोहानी, बदरुद्दीन तैयब जी, अशफाक उल्ला खान, बहादुर शाह जफर, मौलाना अबुल कलाम आजाद व अब्दुल कलाम का नाम शामिल है। इसके अलावे खुदीराम बोस, प्रफुल्ल चाकी, सूर्य सेन, सचिंद्र नाथ सान्याल, रासबिहारी बोस, सुखदेव थापर, राजगुरु, राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, लक्ष्मी बाई, झलकारी बाई, रानी दुर्गावती, वीर सावरकर, मदन लाल धींगरा, मंगल पांडेय व तात्या टोपे की प्रतिमाओं को भी गली मोहल्ले के छोटे छोटे चौराहे पर स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिमाओं के साथ शिलापट्‌ट पर यदि उनके बारे संक्षिप्त जानकारी दे दी जाएगी तो बच्चे, युवा व समाज के लोगों को महापुरूषों के बारे थोड़ी जानकारी भी प्राप्त होगी। 

...जल्द शुरू होंगे कार्य :
सशक्त स्थाई समिति की बैठक में महापुरूषों की प्रतिमा लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर विचार किया गया है और जल्द ही इस दिशा में सार्थक कदम उठाए जाएंगे।  : सविता देवी, मेयर, नगर निगम पूर्णिया।

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