पूर्णिया : प्रतिदिन रेलवे को होती है 75 हजार की कमाई, सुविधा के नाम पर पेयजल व शौचालय तक नहीं - Live Aaryaavart

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रविवार, 23 जून 2019

पूर्णिया : प्रतिदिन रेलवे को होती है 75 हजार की कमाई, सुविधा के नाम पर पेयजल व शौचालय तक नहीं

- पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री होते हैं सवार, पेयजल, सुरक्षा व यात्री सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं मिलता   
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कुमार गौरव । पूर्णिया : पूर्णिया कोर्ट रेलवे स्टेशन पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर व एनएफ रेल मंडल कटिहार के मुहाने पर है। एक ओर जहां पूर्णिया जंक्शन में सारी सुविधाएं बहाल हैं तो दूसरी ओर पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर अंतर्गत पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेयजल तक की सुविधा नहीं है। इन दो स्टेशनों की दूरी महज दो से तीन किलोमीटर है लेकिन सुविधा में जमीन आसमान का अंतर है। पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से प्रतिदिन तीन जोड़ी पैसेंजर समेत हाटे बाजारे एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन होता है। हालांकि इनमें से हाटे बाजारे, हमफसर व जानकी का ठहराव नहीं है लेकिन चार जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है और प्रतिदिन की कमाई करीब 75 हजार रूपए है। इसके बाद भी इस स्टेशन पर सुविधा के नाम पर रेलयात्रियों को पानी तक नसीब नहीं है। बता दें कि गत दिनों आई आंधी में दो टंकी गिर चुकी है जिसे दुरूस्त करने के लिए संबंधित विभाग के लोग लगातार स्टेशन पहुंच रहे हैं और पूर्व से लगे 3 एचपी क्षमता वाले मोटर को भी बदलने की बात कही जा रही है। 

...प्लेटफाॅर्म बनी है सड़क :
आमतौर पर इस स्टेशन पर बनाए गए आरपीएफ पोस्ट पर हरवक्त ताला लटका रहता है। ताला यदा कदा ही खुलता है। आमजन अपनी दो पहिया गाड़ी को प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से चलाते हैं। जिस कारण नियम कानून का मखौल उड़ता है और सुरक्षा पर भी कई सवाल उठते हैं। यदि आरपीएफ सक्रिय रहते तो बेशक ऐसे हालात उत्पन्न नहीं होते। वहीं दूसरी ओर रेलयात्रियों के लिए बनाए गए शौचालय तो कंडम स्थिति में है और ताला लटकने के साथ साथ गंदगी इस कदर व्याप्त रहती है कि स्वस्थ आदमी शौच जाए तो बेशक बीमार पड़ जाए। यही हाल स्टेशन के बाहरी हिस्सों का भी है। गत वर्ष 08 जून 2018 को पूर्णिया कोर्ट स्टेशन का जायजा लेने पहुंचे समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम आरके जैन ने परिसर में घूमकर जल्द से जल्द झाड़ी समेत गंदगी की सफाई करने का निर्देश दिया था। साथ ही 50 लाख रूपए की योजना तैयार कर विकास कार्य कराए जाने की बात कही थी। जिसके बाद कार्य तो हुए लेकिन क्वालिटी के नाम पर समझौता कर लिया गया। आजतक नल से पानी की एक बूंद तक यात्रियों को नहीं मिली है। ठेकेदार द्वारा कार्य में शिथिलता बरती जा रही है। पानी टंकी समेत छह जगहों पर 24 टोटियां लगाई जा चुकी हैं लेकिन इनसे एक बूंद पानी नहीं निकल पाया है। जबकि डीआरएम ने त्वरित कार्रवाई के तहत इसे चालू करने का दिशा निर्देश दिया था। वहीं दूसरी ओर रेल ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो पाने के कारण स्कूली बच्चे व लाइन के पार रहने वाले लोग पटरी पार कर आवागमन करते हैं। इस दौरे में डीआरएम के साथ सीनियर डीसीएम बिरेंद्र कुमार, सीनियर डीईएन बीके सिंह, सीनियर डीईएन 3 संजय कुमार, सीनियर डीएसटीई अभिषेक कुमार, सीनियर डीएमई दिलीप कुमार, सीनियर डीओएम अमरेश कुमार, आरपीएफ कमांडेंट विजय प्रकाश पंडित शामिल थे।

...जाप कार्यकर्ताओं ने सौंपा था ज्ञापन : 
गत वर्ष जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम से मिलकर मांग पत्र सौंपा था। जाप छात्र परिषद के प्रदेश प्रवक्ता राजेश यादव ने डीआरएम से मिलकर पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस के ठहराव, कटिहार से सहरसा के बीच एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का परिचालन, कोर्ट स्टेशन में फुट ओवरब्रिज का निर्माण, पूर्णिया कोर्ट स्टेशन परिसर में शुद्ध पेयजल, शौचालय एवं स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था कराए जाने, पूर्णिया से लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन की मांग शीघ्र कराए जाने की मांग की। जिस पर डीआरएम ने मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया था। 

...उच्च पदस्थों को दी गई है जानकारी : 
रेल मंडल समस्तीपुर के उच्च पदस्थों को यहां की समस्या की जानकारी दी गई है। कुछ दिनों पहले पेयजल की समस्या को दूर करने व 20 हजार लीटर की क्षमता वाली टंकी में पानी भरने के लिए मोटर लगाया गया था लेकिन कम क्षमता यानी 3 एचपी का होने के कारण काम नहीं कर सका। शौचालय के लिए सुलभ इंटरनेशनल से बात हुई है। जल्द ही परिसर में शौचालय निर्माण का भी रास्ता साफ हो जाएगा। परिसर में प्रतिदिन साफ सफाई का कार्य होता है। 
: मृत्युंजय मिश्रा, स्टेशन अधीक्षक, पूर्णिया कोर्ट स्टेशन।

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