सहरसा : गरमाया रेल ओवरब्रिज निर्माण का मामला, - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 24 जून 2019

सहरसा : गरमाया रेल ओवरब्रिज निर्माण का मामला,

कोसी युवा संगठन के नेतृत्व में सहरसा की जनता 25 जून को करेगी प्रदर्शन   
saharsa-over-bridge
सहरसा : शहर की समस्याओं को लेकर पिछले कई वर्षों से आवाज बुलंद कर रहे समाजसेवी व युवा नेता सोहन झा अब रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के मामले को लेकर आर पार की लड़ाई के मूड में हैं। पिछले दिनों उन्होंने जहां अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन किया था वहीं दूसरी ओर शहर के बंगाली बाजार स्थित रेलवे झाला पर आरओबी निर्माण को लेकर वो लगातार सूबे के मंत्री व रेलवे के उच्च पदस्थों से मुलाकात कर रहे हैं। कोसी युवा संगठन के बैनर तले उन्होंने मोर्चा खाेल दिया है। जिसे आमजनों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले संगठन के सदस्यों व स्वयं सोहन झा ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। जिसके बाद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा बंगाली बाजार आरओबी निर्माण मद में 74 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की गई थी। यही नहीं सोहन झा ने जब सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव से बात की तो उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद कार्य की शुरूआत किए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि 05 जून 2019 को जब सूबाई सरकार ने सूबे में तीन नए आरओबी निर्माण मद में राज्यांश उपलब्ध कराया तो उसमें सहरसा बंगाली बाजार स्थित आरओबी का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है। जिससे सहरसा की जनता एक बार फिर ठगा महसूस कर रही है। लेकिन अबकी बार फिजा कुछ बदली बदली है और यहां की जनता चुप बैठने वाली नहीं है। 25 जून को कोसी युवा संगठन के बैनर तले यहां की जनता सूबाई सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी और सहरसा बंद करेगी। इस मसले पर कोसी युवा संगठन के संस्थापक सोहन झा ने कहा कि सरकार के खिलाफ जनांदोलन करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सहरसा के साथ हमेशा से भेदभावपूर्ण नीति अपनाई गई है जिसका हर मोर्चे पर विरोध होगा। इसी उपेक्षापूर्ण नीतियों के खिलाफ 25 जून को सहरसा की जनता विरोध प्रदर्शन करेगी।  

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...