इसके बाद सिगरा स्थित महापौर अशोक कुमार तिवारी के आवास पर आयोजित भाजपा की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में प्रभारी मंत्री ने आगामी श्रावण मास, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 29 जुलाई को संत रविदास मंदिर (सीर गोवर्धन) में प्रस्तावित कार्यक्रम तथा शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक में वाराणसी के महत्वाकांक्षी गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर तथा अमृत 2.0 के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि काशी के बदलते स्वरूप का लाभ नागरिकों और श्रद्धालुओं दोनों को मिल सके। इसके उपरांत सर्किट हाउस में वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं, वित्तीय प्रगति और बजटीय कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव आम नागरिक के जीवन में दिखाई देना चाहिए।
संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनते हुए प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, संवेदनशील और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे प्रभावी माध्यम है और जनता के विश्वास को मजबूत करने का आधार भी। प्रभारी मंत्री ने इसके बाद संत रविदास जन्मस्थली पर निर्माणाधीन म्यूजियम एवं सभा स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि परियोजना तय समय में पूरी हो, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रभारी मंत्री काशी विद्यापीठ विकास खंड पहुंचे, जहां आयोजित जनसंवाद एवं लाभार्थी वितरण कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया, गर्भवती महिला की गोद भराई और बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा वृक्षारोपण महायज्ञ के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। इसके बाद विकास खंड एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। अपने संबोधन में श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता और शासन की योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता, ईमानदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि श्रावण मास में काशी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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