पटना : जिला अस्पताल सारण में पहली बार कराई गई 'पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी' - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 2 अगस्त 2026

पटना : जिला अस्पताल सारण में पहली बार कराई गई 'पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी'

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पटना (रजनीश के झा) । बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बेहतर होती जा रही है। राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन होने से जहां रेफर के मामले लगातार कम हो रहे हैं, वहीं नए मरीजों की आने की संख्या भी बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के नेतृत्व में राज्य के अस्पतालों में बेहतर इलाज हो रहा है, लगातार नई-नई चिकित्सा विधि पर भी काम चल रहा है। इलाज कराने के बाद मरीज खुशी खुशी अपने घर जा रहे हैं। इसी कड़ी में सारण के जिला अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया से एक महिला की पेनलेस सामान्य डिलीवरी कराई गई। यह बड़ी उपलब्धि है, जिससे पता चलता है कि सरकारी अस्पतालों में अब मरीज का और बेहतर इलाज संभव हो रहा है। दरअसल, जिला अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया (Epidural Analgesia) की सहायता से सफलतापूर्वक पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी (Painless Vaginal Delivery) कराई गई। यह उपलब्धि प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है। बता दें कि एपिड्यूरल एनाल्जीसिया के जरिए प्रसव पीड़ा को काफी हद तक कम किया जाता है, जिससे प्रसूता को कम दर्द के साथ सामान्य प्रसव संभव हो पाता है। यह विधा एक ऐसी दर्द-निवारक तकनीक है, जिसका उपयोग सामान्य प्रसव के दौरान दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। चिकित्सा की इस विधि में रीढ़ के निचले हिस्से में एपिड्यूरल स्पेस में दर्द कम करने वाली दवा के साथ एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इससे प्रसव का दर्द काफी कम हो जाता है और महिला पूरी तरह बेहोश भी नहीं होती। प्रसूता होश में ही रहती है और डॉक्टर के निर्देशानुसार नॉर्मल डिलीवरी के लिए प्रयास कर सकती है। हालांकि इस क्रम में जरूरत पड़ने पर उसी एपिड्यूरल के जरिए सिजेरियन ऑपरेशन के लिए भी एनेस्थीसिया दिया जा सकता है। डॉक्टरों की यह उपलब्धि सारण के साथ-साथ पूरे राज्य के लिए यह गर्व की बात है।

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