- विरोध मार्च में गरजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कहा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा
- कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला विशाल विरोध मार्च, पुलिस ने बरसाया वाटर कैनन
विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हमारे नेता और देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने मजबूती से चुनाव आयोग के गोरखधंधे को बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व वोटर अधिकार यात्रा के माध्यम से उजागर किया था लेकिन केंद्र की सरकार और चुनाव आयोग ने इसे नकारा था लेकिन अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गलतियों को उन्हीं के सहयोगी दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने उजागर करने की हिम्मत हमारे नेता राहुल गांधी के चेतावनी के बाद की है। चुनाव आयोग के बैठकों में दर्ज आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सत्ता के संरक्षण में लोकतंत्र को कमजोर करने की कवायद की है, इसलिए अविलंब उन्हें इस्तीफा देकर देश से माफी मांगनी चाहिए। विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव से पूर्व, बिहार में किए गए मनमाने SIR की तरह ही लाभ लेने के उद्देश्य से वोटर्स मैपिंग की गई और भाजपा को अलोकतांत्रिक तरीके से चुनावी लाभ दिया गया जिसके कारण वहां भाजपा की जीत हुई। देश में चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और भाजपा सरकार ने संविधान में संशोधन करके ऐसी व्यवस्था बना दी है कि वोट चोरी करने वाली चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त को आजीवन जेल नहीं होगी जो यह साबित करता है कि बड़े पैमाने पर यह गोरखधंधा चल रहा था। हमारे नेता के बार बार वोटर लिस्ट का इलेक्ट्रॉनिक डाटा मांगने के बाद भी नहीं उपलब्ध कराना और सीसीटीवी फुटेज देने से कि जाने वाली मनाही अब जाकर उजागर होने लगी है। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वच्छ तरीके से हो लेकिन जब चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ही मनमानी कर चुनाव परिणामों को बदलने की कवायद करेंगे तो फिर देश में लोकतंत्र की हत्या हो जाएगी, इसलिए ऐसे अनैतिक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा वरना कांग्रेस और उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।
साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि SIR और मनमानी ढंग से चुनाव कराने के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने जितनी भी चुनाव को संचालित किया है उन राज्यों में पुनः चुनाव होने चाहिए, इसमें बिहार भी शामिल है। चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन एकतरफा और अनैतिक तरीके से कर रही है जो कि लोकतंत्र के लिए खतरा है। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन भी किया जिसे वाटर कैनन से पुलिस ने बुझाने की कोशिश की। इस दौरान हजारों की संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतर कर हाथों में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगी तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन और विरोध मार्च में इस अवसर पर सांसद पप्पू यादव, अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधायक मनोज विश्वास, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी दास, बंटी चौधरी, ऋषि मिश्रा, डा0 संजय यादव, पंकज यादव मिन्नत रहमानी, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, कुमार आशीष,कमल कमलेश, राजीव मेहता, चन्द्रप्रकाश सिंह, डा0 कुमारी सोनी,प्रेमचन्द सिंह, डा0 अमन कुमार, उमैर खान, अफरोज खान जितेन्द्र नाथ पटेल,,मंजीत आनन्द साहू ,अनुराग चंदन, रीता सिंह, मृणाल अनामय, संजय पाण्डेय, अरूण पाठक, हीरा सिंह बग्गा, मनीष यादव, पूनम यादव, कुमारी अनिता, बिटटू यादव, सत्येन्द्र कुमार, राहुल भारद्वाज, अनुकूल राज,सहित हजारों की संख्या में कांग्रेसजन थे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें