भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर लीडर अरुण जेटली ने हर साल 1,00,000 से अधिक फोन टैप कराए जाने को लेकर मीडिया में आ रही खबरों पर सरकार से 'आधिकारिक स्पष्टीकरण' की मांग की है। अरुण जेटली ने फ़ोन टैप कराए जाने पर स्पष्टीकरण माँगी
कोलकाता में मंगलवार को जेटली ने संवाददाताओं से कहा, 'मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक हर साल एक लाख फोन टैप कराए जा रहे हैं। हमारे कानून बिल्कुल साफ है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा होने पर ही सरकार फोन टैप करवा सकती है।'
जेटली ने कहा, 'आंकडा इतना बड़ा है कि यह काफी भयावह लग रहा है। यह चिंता की बात है। यह आंकडा और बड़ा हो सकता है।' एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक सरकार हर साल 1,00,000 से अधिक फोन टैप करवा रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, 'यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत सरकार इस बात को स्पष्ट करे कि पूरे देश में कितने फोन टैप करवाए जा रहे हैं और सरकार यह भी स्पष्ट करे कि ये टैपिंग कानूनी अनुमति के बाद कराई जा रही है या यूं ही।'
कोलकाता में मंगलवार को जेटली ने संवाददाताओं से कहा, 'मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक हर साल एक लाख फोन टैप कराए जा रहे हैं। हमारे कानून बिल्कुल साफ है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा होने पर ही सरकार फोन टैप करवा सकती है।'
जेटली ने कहा, 'आंकडा इतना बड़ा है कि यह काफी भयावह लग रहा है। यह चिंता की बात है। यह आंकडा और बड़ा हो सकता है।' एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक सरकार हर साल 1,00,000 से अधिक फोन टैप करवा रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, 'यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत सरकार इस बात को स्पष्ट करे कि पूरे देश में कितने फोन टैप करवाए जा रहे हैं और सरकार यह भी स्पष्ट करे कि ये टैपिंग कानूनी अनुमति के बाद कराई जा रही है या यूं ही।'

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें