कांची मठ के प्रमुख जयेंद्र सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि बाढ़ से प्रभावित केदारनाथ के शिव मंदिर के पुनरुद्धार का जिम्मा लेने के लिए मठ पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर मंदिर को कोई नुकसान हुआ है तो उसका जायजा लेने के लिए मठ ने व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि मंदिर अपने देश की धरोहर और सांस्कतिक संपन्नता का स्मारक है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। यह इस प्राकृतिक आपदा को भी झेल गया, यह तथ्य इसकी पवित्रता का सबूत है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने उत्तराखंड में हुयी भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन से केदारनाथ मंदिर के आसपास और शहर में व्यापक तबाही हुयी थी। उन्होंने कहा कि मठ ने उत्तराखंड सरकार को सूचित किया है कि वह पुनर्निमाण के लिए पुरातत्व सव्रेक्षण या किसी अन्य धार्मिक संस्थान की मदद लेने के लिए तैयार है।
आचार्य ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि कुछ लोगों के इस दिग्भ्रमित विचार को त्याग दिया गया है कि मंदिर को कहीं और स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रयास भारी नुकसानदेह होता।
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