सीहोर । सैकड़ाखेड़ी मार्ग पर स्थित शहीद के समाधी स्थंल पर आगामी 14 जनवरी को श्रद्धांजली सभा का आयोजन रखा गया है। शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति ने यहां नगर पालिका से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। ताकि जनमानस को यहॉ आवागमन में कोई परेशानी ना आये।
ज्ञातव्य है कि विगत 15 वर्षों से बसंत उत्सव आयोजन समिति और स्थानीय पत्रकार संगठनों के आव्हान पर नगर के गणमान्य नागरिकों द्वारा एक श्रद्धांजली समारोह का आयोजन 14 जनवरी को किया जाता है। 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में सीहोर में हुई क्रांति का अपना एक गौरवमयी इतिहास है जहां क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को सीहोर से खदेड़कर भगा दिया था और सीहोर को 6 माह के लिये अंग्रेज और भोपाल नवाबी शासन से मुक्त करा दिया था। इतना ही नहीं क्रांतिकारी हवलदार महावीर कोठा के नेतृत्व में वलि शाह, आरिफ शाह, सूबेदार रमजूलाल, बुद्धसेन, लक्ष्मण पाण्डेय, रामप्रसाद, देवीदीन, शिवचरण जैसे सैकड़ो क्रांतिकारियों ने 6 माह तक महावीर कौंसिल के बेनर तले सिपाही बहादुर सरकार के नाम से यहां शासन भी चलाया । 14 जनवरी को जनरल ह्यूरोज ने इन्ही देशभक्त क्रांतिकारियों को एक साथ खड़ा कर गोलियों से भुनवा दिया था जिनकी समाधियां आज भी बनी हुई है। इनकी तरफ शासन प्रशासन का ध्यान नहीं है। विगत कुछ वर्षों से यहां हर वर्ष नगर के गणमान्य नागरिक पहुंचकर श्रद्धांजली देते हैं । जहां नगर पालिका द्वारा हर वर्ष आवागमन की व्यवस्था के साथ टेंट दरी की व्यंवस्था् भी की जाती है ।
शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति के महामंत्री ओमदीप ने बताया कि इस वर्ष 14 जनवरी 2015 को शहीद समाधी स्थल पर नगर के सभी प्रबुद्धजनों, समाजसेवकों, राजनेताओं, देशभक्तों से निवेदन है कि वह बड़ी संख्या में पहुॅचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करें। समाधी स्थल पर 10.30 बजे श्रद्धांजली सभा का आयोजन रखा गया है।

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