बिहार : आम की लकड़ी तोड़ने के दरम्यान पेड़ से गिरने से मन्नु साव की मौत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 15 नवंबर 2015

बिहार : आम की लकड़ी तोड़ने के दरम्यान पेड़ से गिरने से मन्नु साव की मौत

  • एक क्षण में विधवा हो गयीं, दो संगी बहने, मखदुमपुर में मातम

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पटना। पश्चिमी दीघा ग्राम पंचायत के मखदुमपुर मोहल्ला में रहते हैं मन्नु साव। प्रत्येक दिन की तरह सुबह में उठकर जानवरों की सेवा में मन्नु साव जुट गए। इसके बाद मन्नु साव मखदुमपुर बगीचा में चले गए। घर में मीना देवी छठ करने वाली थीं। आम के पेड़ पर चढ़कर लकड़ी तोड़ने लगे। लकड़ी तोड़ने के दरम्यान मन्नु गिर गए। मन्नु को सिर और छाती में चोट लगी। उसे उठाकर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में आॅक्सीजन पर रहे। 30 मिनट के अंदर चिकित्सकों एवं परिचारिकाओं की सेवा व्यथ चली गयी। अस्पताल में ही दम तोड़ दिए। वे 55 साल के थे। अपने पीछे 2 बीबी, 3लड़की और 2 लड़के छोड़ गए। 105 साल की माँ बेदामों देवी को छोड़ गए। 

मजदूर मन्नु साव की प्रथम पत्नी मीना देवी हैं। प्रथम पत्नी से बाल-बच्चा नहीं होने पर मन्नु साव ने द्वितीय विवाह गीता देवी से कर लिया। मीना देवी और गीता देवी संगी बहने हैं। मन्नु साव और गीता देवी के सहयोग से 3 लड़की और 2 बच्चे हुए। संतान हैं प्रीति , पार्वती, सरस्वती, सन्नी और गन्नी। इसमें प्रीति की शादी सुधीर कुमार से हो गयी है। 

प्रीति देवी कहती हैं कि बाबू जी लकड़ी तोड़ने गए थे। बड़ी माँ मीना देवी छठ करने वाली थीं। लकड़ी तोड़ने के दरम्यान पेड़ पर से गिर गए। सिर और छाती में चोट लगी। उनको पाटलिपुत्र काॅलोनी में स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया। कोई 30 मिनट के अंदर परलोक सिधार चुके। पार्वती ने कहा कि हमलोग छोटे-छोटे हैं। सरकार के द्वारा परिवार लाभ योजना से लाभ मिलना ही चाहिए। इसके अलावे लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लाभान्वित करवाना चाहिए। 

आम की लकड़ी बिक रहा है 80 रूपए में 5 किलो। इसे आसानी से बाजार से खरीदा जा सकता है। हां, सावधानी से कार्य निपटारा करने से हादसा से बचा जा सकता है। यह तो विधि के विधान ही है कि पेड़ से लकड़ी तोड़ने के दरम्यान मौत हो गयी। इस तरह एक ही क्षण में दो संगी बहने विधवा हो गयीं। 

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