- विश्वनाथ धाम में रिकॉर्डतोड़ भीड़, मार्कंडेय महादेव और स्वर्वेद महामंदिर में भक्तों का रेला
- दशाश्वमेध घाट पर विशेष गंगा आरती और सूर्य पूजा, नमो घाट पर पर्यटकों की चहल-पहल
काशी विश्वनाथ धाम में ऐतिहासिक भीड़, टूटे पुराने रिकॉर्ड
नववर्ष 2026 पर काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या ने एक बार फिर नए कीर्तिमान स्थापित किए। तड़के चार बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं, जो देर रात तक जारी रहीं। धाम प्रशासन के अनुसार, एक ही दिन में लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका। पूर्व में बनाए गए सभी रिकॉर्ड इस वर्ष पीछे छूट गए। भीड़ को देखते हुए पहले से की गई व्यवस्थाओं के चलते दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रही। गंगाद्वार समेत सभी प्रवेश द्वार पर भक्तों की भारी भीड़ रही। मंदिर प्रशासन की ओर से लागू प्रोटोकॉल के तहत विशेष दर्शन और स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध है। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से भीड़ बढ़ी है। 20 लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं। बृहस्पतिवार की सुबह से श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला जारी है। लाखों भक्तों ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किए। भक्तों को कोई असुविधा न हो इसके लिए बैरिकेडिंग की गई है।मार्कंडेय महादेव मंदिर और स्वर्वेद महामंदिर में उमड़ा आस्था का जनसागर
नववर्ष पर कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर और उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ अन्य प्रांतों से आए भक्त सपरिवार दर्शन को पहुंचे। स्वर्वेद महामंदिर की भव्यता, संगमरमर पर उकेरी गई नक्काशियां और कलात्मक शिल्प श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने। वाहनों की अधिकता के चलते प्रमुख मार्गों पर रुक-रुक कर यातायात प्रभावित रहा।
घाटों और नमो घाट पर सैलानियों की चहल-पहल
नववर्ष की सुबह ‘सुबहे-ए-बनारस’ के साथ हुई। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने गंगा में नौकाविहार कर घाटों की आध्यात्मिक छटा को निहारा। पर्यटन के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित हो चुके नमो घाट पर भी भारी भीड़ उमड़ी। काशी के बदले स्वरूप और विकास कार्यों ने पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जिससे स्थानीय पर्यटन और कारोबार को नई गति मिली।
बाजारों में रौनक, भक्ति और मस्ती का संगम
नववर्ष की पूर्व संध्या पर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक उत्सव का माहौल रहा। कहीं डीजे की धुनों पर युवा थिरकते दिखे, तो कहीं भजन संध्या और देवी जागरण में लोग प्रभु आराधना में लीन नजर आए। फूल, गिफ्ट, ग्रीटिंग कार्ड और नववर्ष से जुड़े सामानों की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। बाजार रोशनी और सजावट से दुल्हन की तरह सजे नजर आए।


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