मधुबनी : ट्रामा सेंटर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी। - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 7 मई 2026

मधुबनी : ट्रामा सेंटर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी।

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मधुबनी (रजनीश के झा), 07 मई ।  राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवस्थित ट्रामा सेंटर को आम जनता के लिए पूर्ण रूप से प्रभावी एवं कार्यशील बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बुधवार देर शाम ट्रामा सेंटर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, चिकित्सकीय व्यवस्था एवं आधारभूत संरचनाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं में  लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने ट्रामा सेंटर परिसर, वार्ड, ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, चिकित्सकीय उपकरणों, मानव संसाधन एवं अन्य उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवस्थित होने के कारण यह ट्रामा सेंटर जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, जहां सड़क दुर्घटना एवं आपातकालीन स्थिति में लोगों की जिंदगी बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


साफ-सफाई की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं परिजनों को बेहतर एवं स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने ट्रामा सेंटर की सभी आधारभूत संरचनाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिला स्तर पर लंबित सभी अपूर्ण कार्यों को अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। वहीं राज्य स्तर पर लंबित कार्यों को संबंधित कार्यकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक महीने के अंदर पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनुपस्थित चिकित्सक डॉ कृष्ण कांत करुणाकर, डॉ मधुसूदन कुमार, डॉ मो० सादिक एवं डॉ हिमांशु शेखर सहित दो जीएनएम से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। साथ ही ट्रामा सेंटर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी जवाब-तलब करने का निर्देश दिया गया।


जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में कार्य संस्कृति एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ट्रामा सेंटर में बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली तत्काल लागू करने का निर्देश दिया, ताकि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त पूरे ट्रामा सेंटर परिसर में सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित करने का निर्देश भी दिया गया, जिससे कार्य व्यवस्था, सुरक्षा एवं कर्मियों की उपस्थिति की सतत निगरानी हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रामा सेंटर में सात चिकित्सक पदस्थापित हैं। ऐसी स्थिति में यहां की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से संचालित होनी चाहिए तथा आउटडोर सेवा के माध्यम से आसपास के मरीजों को बेहतर एवं व्यवस्थित उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ट्रामा सेंटर को केवल नाम मात्र का केंद्र बनाकर नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरी क्षमता एवं संसाधनों के साथ फुल फ्लेज्ड रूप से संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी एक महीने के भीतर ट्रामा सेंटर की सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुदृढ़ एवं व्यवस्थित कर इसे आम लोगों के लिए पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा तथा कार्य में सुधार नहीं होने पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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