- भजन, कविताएं, चलचित्र के जरिये विद्यार्थियों ने भगवान गौतम बुद्ध को किया याद

गाजियाबाद।(संवाददाता) वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में भगवान गौतम बुद्ध जयंती पर उनके जीवन चरित्र व आदर्शों पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समारोह में मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने भगवान गौतम बुद्ध के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि भगवान बुद्ध ने जीवन के दो बड़े कारणों को तलाश किया। एक दुख और दूसरा सत्य। भगवान बुद्ध ने माना कि हमारे भीतर की तीन स्थितियां होती हैं-आत्मा, मन और बुद्धि। मन में इच्छाएं जागती हैं तो बुद्धि इच्छाओं को संचालित करने के तरीके बताती है। मन से परे हटकर आत्मा काम करती है। इसे ईश्वर माना गया है। मन की इच्छाएं पूरी न होना ही दुख का कारण है। मन से अलग होकर चलना ही परमानंद है। भगवान बुद्ध ने अष्टांग विधि से अपने कष्टों व दुखों के निवारण की बात कही है। आज भी हम इस अष्टांग विधि से अपने दुखों व कष्टों पर पार पा सकते हैं। निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने कहा कि बौद्ध धर्म दर्शन है, धर्म बाद में बना। जीवन के सत्य को जानना है तो भगवान गौतम बुद्ध पर आधारित ‘बौद्ध चरित’ ग्रंथ को पढ़िये। इससे पूर्व डा. गदिया व इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने मां शारदा, भारत माता व भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये एवं दीप प्रज्ज्वलित किया। श्रुति, अंशदीप, आशुतोष, कुलश्रेष्ठ, यथार्थ, अनिरुद्ध आदि विद्यार्थियों ने गौतम बुद्ध पर आधारित उपदेश, कविताएं आदि प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बनाया। समारोह में तमाम फैकल्टी सदस्य व छात्र-छात्राएं मौजूद थे। संचालन सानिया खान ने किया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें