
अन्ना हजारे द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा किए जाने पर राज्य की राजनीति गर्म हो गई है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अन्ना हजारे को राजनीतिक बयानबाजी न करने की सलाह दी है। अन्ना हजारे द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी के प्रधान सचिव रामकृपाल यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि अन्ना हजारे को राजनीतिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
यादव ने कहा कि अन्ना हजारे सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें किसी मुख्यमंत्री को प्रमाणपत्र नहीं देना चाहिए। यादव ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता को यहां आकर देखना चाहिए कि राज्य में सभी जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
जनता दल (युनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रही है जिस कारण कुछ नेताओं ने अपना संतुलन खो दिया है। उन्होंने सांसद रामकृपाल यादव के बयान पर कहा कि जब गांधीवादी नेता ने यथार्थ की बात की तो उन्हें परेशानी हो रही है।
4 टिप्पणियां:
जो तारीफ के काबिल हो उसकी जरुर तारीफ करनी ही चाहिए लालूजी के राज में बिहार ३० वर्ष पिछड़ गया था. आज का बिहार. आप खुद देख सकते हें.
अन्ना को फिलहाल लोकपाल बिल पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये.
जो लोग तारीफ़ के लायक है उनकी तारीफ़ करने में क्या बुराई है ?
क्या छद्म सेकुलरों की पसंद ही सबकी होनी चाहिए ?
क्या वे ही लोग तारीफ़ के काबिल है जो कांग्रेस व तथाकथित धरमनिरपेक्ष दलों को पसंद हो ?
अन्ना की इस टिप्पणी की खिलाफत करने वालों पर तरस आता है !
सत्य वचन रतनजी
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