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सोमवार, 16 अप्रैल 2012

केंद्र ने बुलाई आंतरिक सुरक्षा पर एक बैठक.


केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है और सोमवार को होने वाली इस बैठक में ममता बनर्जी को छोड़कर सारे गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं.

जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है उन राज्यों ने ये कहते हुए आंतरिक सुरक्षा पर प्रस्तावित राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) का विरोध किया था कि ये देश के संघीय ढांचे के साथ खिलवाड़ है.

 विरोध करने वाले ये सारे मुख्यमंत्री बैठक में हिस्सा ले रहे हैं लेकिन यूपीए सरकार की घटक तृणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसमें शामिल नहीं होंगी. सोमवार की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे जिसमें आतंकवाद से लड़ने के लिए क्षमताओं को बढ़ाने, खुफिया जानकारी जुटाने, माओवादी हिंसा, पुलिस सुधार और पुलिस की क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दे एजेंडा में होंगे.

एनसीटीसी पर मुख्यमंत्रियों के विरोध के बाद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर पाँच मई को मुख्यमंत्रियों की एक अलग बैठक बुलाने पर भी तैयार हो गई है और कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी उस बैठक में हिस्सा लेंगी. हालांकि सोमवार की बैठक में ममता नहीं होंगी लेकिन उनका प्रतिनिधित्व बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा करेंगे. इस बैठक में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता, उड़ीसा के नवीन पटनायक, बिहार के नीतीश कुमार, गुजरात के नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शामिल हो रहे हैं. 

इन सभी नेताओं ने एनसीटीसी के मुद्दे पर केंद्र का विरोध किया था. ये सभी नेता भारत को पड़ोसी देशों से मिल रहे खतरे पर भी चर्चा करेंगे जिसमें सीमा पार आतंकवाद, चरमपंथियों को मिल रही मदद, हथियारों की तस्करी और जाली नोटों का मामला शामिल होगा. यह बैठक पहले 15 फरवरी को तय थी लेकिन पाँच राज्यों के चुनावों के मद्देनजर इसे दो महीने के लिए टाल दिया गया था. बैठक के दौरान एक अन्य सत्र उन नौ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ होगा जो नक्सलवाद से प्रभावित हैं. माना जा रहा है कि बैठक के दौरान जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति पर गृह मंत्री पी चिदंबरम एक रिपोर्ट भी पेश करेंगे. कश्मीर में पिछले कुछ समय से काफी शांति है.

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