बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) के बीच चल रही तल्खी के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई, जिसमें बिहार सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों ने भाग नहीं लेने का निर्णय लिया। भाजपा नेता और मंत्री नंदकिशोर यादव ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा के मंत्रियों ने गठबंधन को लेकर अनिश्चितताओं को देखते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में भाग न लेने का निर्णय लिया है। अनिश्चितता की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही भाजपा के मंत्री मंत्रिमंडल की बैठक में हिस्सा लेंगे।
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक यादव ने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर अनिश्चितता के ऐसे माहौल में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाने का क्या औचित्य है? भाजपा के मंत्रियों के सरकार से इस्तीफा दिए जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस बारे में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, जद (यू) प्रवक्ता राजीव रंजन ने मंत्रिमंडल के बहिष्कार के भाजपा के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "भाजपा के मंत्री अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों की अवहेलना कर रहे हैं और यह स्पष्ट कर रहे हैं कि वे गठबंधन तोड़ना चाहते हैं।"
इस बीच, जद (यू) ने अपने विधायकों की बैठक रविवार दोपहर में बुलाई है। समझा जाता है कि इसके बाद गठबंधन टूटने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव राजग के राष्ट्रीय संयोजक के पद से अपराह्न् तीन बजे इस्तीफा दे सकते हैं। उधर, भाजपा नेताओं ने भी दोपहर 12.30 बजे बैठक बुलाई है। नीतीश कुमार की सरकार में भाजपा के 11 मंत्री हैं, जो रविवार को इस्तीफा दे सकते हैं।

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