बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता प्राण का शुक्रवार रात को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। करीब 400 फिल्मों में अभिनय करने वाले दिग्गज कलाकार को गत 30 मई को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को हुआ था। यूपी के रामपुर से मैट्रिक पास प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे। मुंबई पहुंचने के साथ ही उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया था।
बड़ी बहन, उपकार, राम और श्याम, पूरब-पश्चिम, जॉनी मेरा नाम, जंजीर व डॉन जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार अभिनय किया। परिजनों के अनुसार, शनिवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा। प्राण साहब अभिनय की वो जीती-जागती मिसाल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। उनकी पहचान खासतौर पर एक खलनायक की थी, लेकिन चरित्र अभिनेता के तौर पर भी खूब वाहवाही लूटी।
मशहूर अभिनेता प्राण ने कई फिल्मों में अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ी। 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में पैदा हुए प्राण ने हालांकि लाहौर से अपना करियर बतौर फोटोग्राफर शुरू किया था। 1940 में 'यमला जट' फिल्म में उन्हें पहली बार काम करने का मौका मिला। इसके बाद प्राण ने एक से बढ़कर एक करीब 400 फिल्मों में काम किया। अभिनय में उन्हें इस कदर महारत हासिल थी कि खलनायक के रूप में उनकी ऐसी छाप बन गई थी कि परदे से अलग भी लोग उनसे नफरत करने लगे थे। हालांकि खलनायक के अलावा प्राण एक सशक्त चरित्र अभिनेता भी रहे। 1968 में 'उपकार', 1970 में 'आंसू बन गए फूल' और 1973 में 'बेईमान' फिल्म के लिए प्राण को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्हें सैकड़ों सम्मान और अवॉर्ड मिले। इसी साल यानी 2013 में प्राण को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था।
अब प्राण भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन अपने शानदार और जानदार अभिनय की बदौलत वो सदा लोगों के दिल पर राज करते रहेंगे।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें