आयकर विभाग ने निजी कुरियरों से भेजे जा रहे चार ट्रकों की सोमवार रात हुई जब्ती से बुधवार को सिर्फ 10 करोड़ रुपये बरामद होने का दावा किया है। आयकर महानिदेशक (जांच) स्वतंत्र कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि जब्त मुद्रा सिर्फ 10 करोड़ रुपये की है। कुमार ने कहा, "बोरियों में कोई जाली नोट नहीं था। प्राप्त नकदी 10 करोड़ रुपये मूल्य की है।"
उन्होंने हालांकि कहा कि जब्त किए गए सोने के आभूषण और हीरे की कीमत का आकलन किया जा रहा है। कुमार ने कहा, "करीब 40 फीसदी माल का मूल्यांकन हो चुका है और कुछ दिनों में बाकी का मूल्यांकन पूरा हो जाने का अनुमान है।" उन्होंने कहा कि जब्त किए गए आभूषण मूल्यांकन के बाद उसके मालिकों को दे दिए जाएंगे।
सोमवार देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से मिली सूचना पर आयकर विभाग ने चार मिनी ट्रकों की तलाशी ली। इन ट्रकों में 'अंगड़िया' (निजी कूरियर) की 150 बोरियों की खेप जा रही थी। इसे मुम्बई सेंट्रल टर्मिनस से भेजा गया था और इसे गुजरात मेल रेलगाड़ी से गुजरात के लिए भेजा जाने वाला था। अधिकारियों ने मंगलवार को दावा किया था कि यह खेप 200 करोड़ रुपये तक के हो सकते हैं, जिसमें स्वर्णाभूषण और हीरो के मूल्य शामिल नहीं थे। इस मामले में आयकर विभाग और एनआईए के अधिकारियों ने 47 लोगों से पूछताछ की है। अधिकारियों ने इसका सम्बंध आतंकवादियों, चुनाव खर्च और हवाला से होने से इंकार नहीं किया था।

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