भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की सरकार (केंद्र सरकार) सैनिकों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। रेवाड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि दिल्ली की सरकार सीमा पर तैनात जवानों की समस्याओं और देश की पीड़ा के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि सीमा पर आए दिन पैदा हो रही समस्याओं का कारण सेना की कमजोरी नहीं, वरन दिल्ली से है। और इसका समाधान भी दिल्ली की सरकार को बदलने से ही संभव होगा।
मोदी ने कहा कि युद्ध ने अपना रंग बदल लिया है। प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में जितने लोगों और देशों को समस्याओं को सामना करना पड़ा, उससे अधिक देशों और लोगों को अब आतंकवाद और माओवाद से खतरा है। मोदी ने पाकिस्तान को भी मित्रता करने की नसीहत देते हुए कहा कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश को गरीबी, अशिक्षा और अंधश्रद्धा के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली रैली में हजारों लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। नई दिल्ली से जब उनका हेलीकॉप्टर उतरा तो हजारों पूर्व सैनिकों ने उनका स्वागत किया। उनके साथ मंच पर पूर्व थल सेनाध्यक्ष वी.के . सिंह और अवकाश प्राप्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी थे। मोदी को शुक्रवार को ही भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

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