विवेकानंद को हाईजैक करने का साम्प्रदायिक संगठन कर रहे हैं प्रयास - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 12 जनवरी 2015

विवेकानंद को हाईजैक करने का साम्प्रदायिक संगठन कर रहे हैं प्रयास

  • प्रगतिषील ताकतों को विवेकानंद को बचाने के लिए आगे जानाआवश्यक।

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पटनाः विवेकानंद, रवीन्द्रनाथ टैगोर एवं महात्मा गांधी 19वीं सदी के छठे दसक में जन्मी तीन ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने स्वाधीनता आंदोलन को गति प्रदान किया। ये तीनों शख्सियत क्रमषः 1863, 1861 एवं 1869 में जन्म लिए थे। स्वाधीनता आंदोलन के दरम्यान कोई ऐसा दसक नहीं मिला जिसमें इतनी महत्वूपर्ण तीन शख्सियत एक साथ जन्म लिए हों। विवेकानंद को साम्प्रदायिक राजनीति कर अपनी रोटी सेंकने वाले चंद स्वार्थी लोग अपनी गाड़ी को आगे बढ़ाते हैं। और इस दरम्यान प्रगतिषील ताकतें अगर चुप रहतीं हैं तो उनकी कारनामों को आगे बढ़ाते रखने के लिए वे भी समान रूप से जिम्मेवार हैं। 
पटना काॅलेज हिंदी विभाग के वरीय प्रध्यापक प्रो. तरूण कुमार ने आॅल इंडिया स्टूडेन्ट फेडरेषन द्वारा आयोजित सेमिनार के दौरान छात्रों को संबोधित करने हुए कहा सेमिनार का विषय विवेकानंद और समतामूलक समाज रखा गया था। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के वैचारिकता में कहीं ऐसा कोई तथ्य नहीं मिलता है जहां से संकीर्ण विचारों के वाहक अपनी गाड़ी को आगे बढ़ा सकें। हलांकि धर्म के अंदर प्रगतिषीलता की गेंद को पूरी ताकत से फेंकने के विचार जरूर मिलते हैं। सेमिनार को संबोधित करते हुए पटना काॅलेज प्राचार्य, प्रो. नवल किषोर चैधरी ने कहा कि विवेकानंद को हाईजैक करने का प्रयास कुछ संगठन कर रहे हैं। इस दौरान ए.आई.एस.एफ. का प्रयास सकारात्मक है, खासकर आज के दौर में विवेकानंद के विचार काफी महत्वपूर्ण हैं। जब युवाओं को अलग अलग कर खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने समय समय पर इस तरह के आयोजन की निरंतरता बरकार रखने की अपील की है। इसकी अध्यक्षता पुष्पेन्द्र ने की है। 
जामिया मिलीया इस्लामिया विवि. नई दिल्ली में हिंदी के शोधरत छात्र व ए.आई.एस.एफ के नेता मो. दानिष ने विषय प्रवेष करते हुए कहा कि विवेकानंद के विचारों में हिंदु धर्म की उदारता, इस्लाम की बराबरी तथा बौध धर्म की करूणा की बात सामने आती है। लेकिन उनके विचारों को सीमित कर उनके कद को छोटा करने का प्रयास खतरनाक है। सेमिनार में बैंक इम्लाॅयीज के नेता रामलाला सिंह, ए.आई.एस.एफ. के राज्य सचिव सुषील कुमार, राज्य कार्यकारिणी सदस्य आकाष गौरव, जिलाध्यक्ष महेष कुमार, जिला सचिव मंडल सदस्य राहुल कुमार, पटना विवि. मो. हदीष, उपाध्यक्ष प्रभात कुमार, सह सचिव मुकेष कुमार, धनन्जय कुमार, रेखा कुमारी, पवन कुमार, सत्यम कुमार, दिव्या शर्मा, राजीव, संदीप, जयनाराण, अंकित, अमन, अमित, सहित सौकड़ों छात्र उपस्थित थे। 

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