हिंसा में लिप्त उग्रवादी संगठनों से बातचीत नहीं : राजनाथ सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 12 जनवरी 2015

हिंसा में लिप्त उग्रवादी संगठनों से बातचीत नहीं : राजनाथ सिंह

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि मोदी सरकार में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने उग्रवादी संगठनों से बातचीत की किसी संभावना से साफ इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों के लिए बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं लेकिन किसी भी परिस्थिति में उग्रवादी संगठनों से बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।

राजनाथ सिंह ने ये बातें गुवहाटी में चल रहे 19वें युवा महोत्सव के समापन समारोह में कही। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विद्रोही संगठनों की हिंसक गतिविधियों को रोकने के लिए युवाओं से अपील की। उन्होंने कहा कि ''विद्रोही संगठन गरीबों की समस्या को नहीं समझते।

उनके द्वारा गरीबों की हत्या की जा रही है। गरीबों से जबरन वसूली की जा रही है। ऐसे में युवाओं को चुप नहीं बैठना चाहिए बल्कि ऐसे संगठनों का मुकाबला करना चाहिए। उग्रवादी संगठन कितने भी शक्तिशाली हों उनसे डट कर मुकाबला करने का वक्त आ गया है।'' अंत में राजनाथ सिंह ने कहा कि ''मैं हिंसा और उग्रवाद से लड़ने के लिए युवाओं की मदद चाहता हूं।''

कोई टिप्पणी नहीं: