“वीक्षकों का नही हुआ अभी तक भुकतान”
- “बापू महाविद्यालय नौगांव मे किये गये एग्ज़ॅम मे वीक्षक कार्य का आज तक नही हुआ भुकतान”
नौगांव के शासकीये बापू महाविद्यालय मे डा. हरीसिह्न गौर विश्वविध्यालय सागर की कराई गई सेमेस्टर परीक्षाओ मे वीक्षकों की डियूटी लगाई गई थी लकिन उस डियूटी का भुकतान अभी तक नही किया गया है जिस से वीक्षक बापू डिग्री कालेज के चक्कर लगा लगा कर परेशन हो चुके है exam को 8 माह हो चुके है दोबारा exam आ रहे है खास बात ये है की यहा पदस्थ प्राचार्य डा. गोविन्द सिह्न बुंदेला जी का रिटायरमेंट 31 जनवरी को हो राहा है ऐसे मे इकनका मेहंताना मझधार मे फंस्ता नज़र आ राहा है कालेज के पास एक फंड होता है जिसे जन भागीदारी कहते है अगर यूनिवर्सिटी लते करती है भुकतान करने मे तो जन भागीदारी फंड से भुकतान कर सकते है जिसका अध्यक्ष SDM होटा हाई लकिन प्राचार्य ने अभी तक SDM को जानकारी ही नही दी ,आखिर गोविन्द सिंह जी के रिटायरमेंट के बाद क्य होगा वीक्षको का भुकतान ये तो देखने वाली बात होगी क्योंकी अभी गोविन्द सिंह जी के होटे हुए ये हाल है अजय अरजरिया का कहना है की इस से पहले भी हम यहा वीक्षक के रूप मे डियूटी कर चुके है लेकिन आज तक इतनी लेट लतिफी नही हुई लकिन पहली बार ऐसा हुआ है हमारे भी परवार है और उनकी अपनी अवश्यकताएं होती है उनको पुरा करने के लिये ही तो हम extra कार्य करते है
कार्यपालन यंत्री सहित चार पर सीजेएम कोर्ट ने किया मामला दर्ज
- फर्जीवाड़ा कर लाखों की षासकीय राषि गबन करने का मामला
छतरपुर। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी संजय कष्तवार की अदालत ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, लिपिक सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ षासकीय राषि का गबन करने के अपराध का संज्ञान लिया है। कार्यपालन यंत्री सहित चारों कर्मचारियों पर लाखों रुपये हड़पने के लिये फर्जी कार्यवाही करने का आरोप था। सीजेएम कोर्ट ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। एडव्होकेट लखन राजपूत ने जानकारी देते हुये बताया कि पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन ईई वीसी चैहान ने 17 नवम्बर 2011 को सचिव मध्य प्रदेष षासन लोक निर्माण विभाग बल्लभ भवन मंत्रालय भोपाल के आदेष पर पुलिस थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कार्यपालन यंत्री आरके वर्मा एवं कर्मचारी विजयांत अग्रवाल, सुरेष कुमार चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मातेले द्वारा षासकीय राषि गबन करने के आषय से फर्जीवाड़ा किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना करने के बाद मामले को कमजोर पाया और साक्ष्य के अभाव में तत्कालीन एसपी के माध्यम से खात्मा सीजेएम संजय कष्तवार की अदालत में पेष किया। न्यायाधीष श्री कष्तवार की अदालत ने मामले का बारीकी से अवलोकन करने के बाद पाया कि तत्कालीन सहायक यंत्री आरके वर्मा एवं कर्मचारी विजयांत अग्रवाल, सुरेष कुमार चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मातेले ने लाखों रुपये षासकीय राषि का गबन करने के आषय से छल, कपट करके फर्जी क्रय आदेष बनाये जो गंभीर अपराध है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री आरके वर्मा, कर्मचारी विजयांत अग्रवाल, सुरेष कुमार चतुर्वेदी, अरविंद कुमार मातेले के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 409, 511, 120बी/34 तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही गिरफ्तारी से बचने के लिये कार्यपालन यंत्री सहित चारों आरोपी विभाग से नदारत हो गये।
पुलिस की कार्यवाही को कोर्ट ने माना गलत
सीजेएम श्री कष्तवार की अदालत ने इस मामले की विवेचना करने वाले कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी और पुलिस के बड़े अधिकारियों द्वारा इस फर्जीवाड़े मामले में सही कार्यवाही करना नही पाया। मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ पक्के सबूत होने पर भी खात्मा लगाने के लिये पुलिस ने मामला अदालत में पेष किया है। कोर्ट ने पुलिस की कार्यवाही को गलत मानकर खात्मा लगाने से इंकार कर दिया।
ईई ने आरोपियों को बचाने का किया प्रयास
पीडब्ब्ल्यूडी के ईई वीसी चैहान को इस फर्जीवाड़े की जानकारी थी। श्री चैहान ने कार्यपालन यंत्री आरके वर्मा सहित अपराध में सामिल चारो कर्मचारियों को बचाने के लिये पुलिस की मदद नही की और मामले में खात्मा लगाने के लिये अपनी सहमति दी थी।
पीडब्ल्यूडी करता है घटिया काम--अदालत
सीजेएम की अदालत ने अपने आदेष में टिप्पणी करते हुये लिखा है कि पीडब्ल्यूडी के कार्य की संस्कृति बिना काम कराये लोकधन का आहरण करना है। और इतने नीचे स्तर का काम कराना है जिससे कार्य में आबंटित राषि और निर्माण में लगे प्राकृतिक संसाधन एवं श्रम व्यथ हो जाये। इस तरह की संस्कृति पीडब्ल्यूडी से निकलकर ग्राम पंचायत, मनरेगा और अन्य विभागों में भी पहुॅच गई है। जो सारी व्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
बिना लाईसेंस का कट्टा रखने पर एक साल की कठोर कैद
छतरपुर। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी प्रदीप दुबे की अदालत ने बिना लाईसेंस का कट्टा और कारतूस रखने पर आरोपी को दोषी करार देकर एक साल की कठोर कैद के साथ सात सौ रुपये के जुर्माने के सजा सुनाई एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि दिनांक 1 अप्रैल 2014 को पुलिस थाना महाराजपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह द्वारा मुखबिर की सूचना पर बस स्टैण्ड में चैकिंग की गई। रात्रि करीब डेढ़ बजे चैकिंग के दौरान एक पल्सर मोटर साईकिल को रोककर चालक पूरन पुत्र हरिष्चन्द्र पटेल निवासी कुसमा की तलाषी लेने पर उसके पास से एक 315 बोर का देषी कट्टा और तीन जिंदा कारतूत बरामद किये गये। पुलिस से मामला दर्ज कर अदालत में पेष किया। जेएमएफसी प्रदीप दुबे की अदालत ने आरोपी पूरन पटेल को बिना लाईसेंस का कट्टा, कारतूस रखने के आरोप का दोषी करार देकर एक वर्ष की कठोर कैद के साथ सात सौ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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