यूपी में जहरीली शराब से 16 की मौत, 150 से बीमार, 10 सस्पेंड - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 12 जनवरी 2015

यूपी में जहरीली शराब से 16 की मौत, 150 से बीमार, 10 सस्पेंड

  • पूरे इलाके में दहशत, परिजनों के चीख-पुकार से माहौल गमगीन 

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लखनउ (सुरेश गांधी )। जी हां, यूपी में एक बार फिर जहरीली शराब के कारोबारियों का तांडव देखने को मिला है। यहां एक ही दिन में लखनउ व उन्नाव में जहरीली शराब पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि तकरीब 150 की हालत खराब है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत तो है ही परिजनों के चीख-पुकार से माहौल गमगीन है। आईजी, डीआईजी, डीएम, एसएसपी और डीजी हेल्थ ने ट्रॉमा का दौरा करके व्यवस्था की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। गृह सचिव की मानें तो प्रथम दृश्टया जांचोपरांत दोषी पाएं जाने पर 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया गया है। 

घटना मलिहाबाद के दतली गांव की है जहां जहरीली शराब पीने से 12 और उन्‍नाव में 4 की मौत हुई है। 150 से अधि‍क लोगों को मलिहाबाद, बलरामपुर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया हैं। जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद दतली, पहाड़पुर, खड़ता, रामपुर, गोडवा, बरौजा और भोगला गांव में कोहराम मचा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस पंचनामा के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सभी दतरी गांव में शाम को शराब पी थी। इसके लगभग दो घंटे बाद अचानक पेट दर्द, उलटी होने लगी। देखते ही देखते लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों को अस्पताल पहुंचाया जाने लगा। इसमें कई की आंख रोशनी भी चली गई है। कई को दिखना बंद हो गया और हाथ पैरों ने काम करना बंद कर दिया। पहले तो परिजनों ने इसे अधिक शराब पीने का असर समझा लेकिन जब खड़ता गांव के दो सगे भाईयों सिद्देश्वन (30) और मंगल (65) की मौत हो गई तो हड़कंप मच गया। मलीहाबाद के दतली गांव में बनने वाली कच्ची शराब आसपास के गांव में भी सप्लाई होती है। वहां आसपास के कुछ गांव के लोग शराब पीने आते हैं। पीडि़त परिवारों की मानें तो यह सब पुलिस की शह पर चलता है। 

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उन्नाव से मिली जानकारी के अनुसार, हसनगंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई है। उन्नाव के हसनगंज थाना के गांव तलवासरांय में सोमवार की देर रात करीब एक दर्जन लोगों ने देसी शराब पी। दो-तीन घंटे बाद आधा दर्जन की हालत खराब होने लगी। इनमें से राम सागर (40) पुत्र जयराम रैदास और नन्हें (35) पुत्र सैफू ने सोमवार की सुबह दम तोड़ दिया। राम सागर के भाई सनेही (38), संजू (30) पुत्र मंजनू, छोटकावन (35) पुत्र छोटा चैरसिया और छंगा की हालत गंभीर है। इन सभी को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जिला प्रशासन और सीएमओ की टीम गांव में डटी हुई है।

इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी एलबी यादव, मलिहाबाद के एसडीएम, मलिहाबाद के सीओ और एक इंस्पेक्टर सहित सात लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। पीडि़त परिवारों का कहना है कि वे लोग मजदूरी करते हैं, जबकि कुछ लोग छोटा व्यवसाय करते हैं। रविवार की रात अलग-अलग जगहों से कच्ची शराब खरीद कर पी थी, जिसके बाद यह हादसा हुआ। गांव वालों से मिली जानकारी के अनुसार, दतली से दो, पहाड़पुर से एक, खड़ता से तीन, जबकि रामपुर से एक व्यक्ति की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, खड़ता में पांच मृतकों के नाम भी सामने आ गए हैं।

पुलिस की सह पर काफी दिनों से चल रहा था जहरीली शराब का धंधा 
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तली गांव हर घर में शराब बनती है। यह सब पुलिस की मि‍लीभगत से होता है। पुलिस पहले चेतती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। रोजाना शाम पांच बजते ही वहां आसपास के गांव वालों का जमावड़ा लग जाता है। लोग कभी-कभी वहां से पीकर आते हैं तो कभी-कभी घर पर ले जाते हैं। ग्रामीणों की मानें तो इस जहर का धंधा करने वाले लोग दतली से बड़े-बड़े ड्रमों में शराब लाकर अपने गांव में बेचते हैं। इसे दो से लेकर पांच रुपए महंगा करके बेचने से उनको घर बैठे फायदा मिलता है। असप्ताल परिसर सिर्फ चीख-पुकार से ही गूंज रहा है। इसमें किसी के भाई की तो किसी के बाप-भतीजें की जहरीली शराब पीकर मौत हुई तो कोई मौत व जिंदगी से जूझ रहा है। जहरीली शराब को लेकर हुई मौतों से जहां कई घरों में कोहराम मचा हुआ है तो जिंदगी की जंग लड़ रहे कुछ लोगों के आंखों की रोशनी भी चली गई है। गांव के रामस्वरूप मौर्या की जहरीली शराब पीने से आंखों की रोशनी चली गई है। बताया जा रहा है कि वह अटौरा गांव के रहने वाले हैं। पीडि़त परिवारों का कहना है कि अवैध धंधे को लेकर कई बार पुलिस और आबकारी विभाग में शिकायत की गई, लेकिन अवैध कमाई के चक्कर में कभी ध्यान नहीं दिया गया। गांव वालों का कहना है कि‍ दोनों ही जगह यह शराब माफिया बड़ा पैसा पहुंचाते थे। इसी वजह से यह जहरीली शराब आसपास के गांव में भी सप्लाई करते थे और पुलिस कुछ नहीं करती थी। 

इसी बीच एक-एक कर रामपुर गांव के कृष्णपाल (55), पहाड़पुर के देशराज (55) दतरी के सियाराम (50), बडाई (55), अटौरा निवासी शिवराम (60) आंखों की मौत हो गई। कई ग्रामीण अपने-अपने परिवारीजनों को लेकर सीएचसी भागे। इसी बीच घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी प्रभावित गांव पहुंच गई थी। जिस दतरी गांव में शराब पी गई थी पुलिस ने वहां भी छापेमारी की। हालांकि उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। इस गांव के भी सात लोग कच्ची शराब पीने से बीमार हैं। कच्ची शराब पीने से अटौरा गांव के शिव बालक (45), राकेश (30), रामकुमार (28), कमल सिंह (35), गिरधर (40), राम आधार (50), ज्ञानी (28), गंगा (45), सजीवन (40), शिव प्रसाद (38), जय करन (40) को हालत खराब होने के कारण सीएचसी मलिहाबाद में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा खड़ता गांव के राजू (32), जीवनलाल (42), राजकुमार (38), भइया लाल (55), निर्मल (35), सुकरू (36), रजेंद्र (40), दीनदयाल (35), रामजीवन (45) को भी सीएचसी में भर्ती कराया गया है। छंगा और राम प्रताप, सागर को ट्रॉमा सेंटर रिफर किया गया है। 

कुछ इस तरह बनती है कच्ची शराब 
ग्रामीणों के मुताबिक दतली गांव में भट्टियां धधकती रहती हैं। उसी पर बड़े-बड़े कड़ाहे चढ़ाकर उसमें खौलता पानी होता है और फिर उसमें केमिकल मिलाया जाता है। आबकारी विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एफिल एल्कोहल से बनने वाली शराब में यदि मिथाइल एल्कोहल मिल जाता है तो वह जहरीली हो जाती है। दरअसल, शराब व्यापारी जैसे ही भीड़ बढ़ता देखते हैं तो वह कच्ची शराब बनाने वाले टिंचर और ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इनकी मात्रा ज्यादा होने पर यह जहर जैसी हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि मलिहाबाद ब्लॉक के दतरी गांव में कच्ची शराब की भठ्ठी है। आसपास के गांव खड़ता, अटौरा, रामपुर आदि के ग्रामीण वहीं से शराब पीते थे। रोज की तरह ही रविवार शाम को पांच-छह बजे सभी प्रभावित लोगों ने शराब पी। इसके लगभग दो घंटे बाद सभी अपने-अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचने के बाद कुछ ने पेट दर्द की शिकायत की और फिर उल्टी करने लगे। पहले तो घरवालों ने इसे ज्यादा शराब पीने का असर समझा लेकिन कुछ देर बाद कई लोगों को दिखायी देना बंद हो गया। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। इसी बीच खड़ता गांव के दो सगे भाईयों सिद्देश्वन (30) और मंगल (65) की मौत की सूचना आ गई। इससे आस-पास के गांवों में सनसनी फैल गई। 

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