दिल्ली : सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में उभरा जनाक्रोश, भाजपा का आप कार्यालय तक मार्च - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

दिल्ली : सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में उभरा जनाक्रोश, भाजपा का आप कार्यालय तक मार्च

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नई दिल्ली (अशोक कुमार निर्भय)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के संदर्भ में कथित तौर पर प्रयुक्त अभद्र शब्दों को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। इसी मुद्दे पर दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने किया, जबकि पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।


भाजपा के जिला और मंडल स्तर के कार्यकर्ता पश्चिमी जिला अध्यक्ष चंद्रपाल बक्शी के निर्देशन और मादीपुर मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव के संयोजन में होटल ली मेरिडियन गोल चक्कर पर एकत्रित हुए। यहां से कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आम आदमी पार्टी कार्यालय, पंडित रवि शंकर लेन की ओर कूच किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता सिख गुरुओं के सम्मान की रक्षा और कथित अपमान पर माफी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘गुरु’ का स्थान सर्वोच्च है और सिख गुरुओं ने देश की एकता, बलिदान और सामाजिक समरसता के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी बार-बार धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रही है।


भाजपा पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने मांग की कि आतिशी अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और पार्टी नेतृत्व इस पर स्पष्ट रुख अपनाए। प्रदर्शन में जिला कार्यकारिणी सदस्य गगन, नितिन, मंडल महामंत्री ताराचंद दोतनिया, उपाध्यक्ष नरेश अटल, मंत्री ठाकुर दास और बलराम जायसवाल,कार्यकारिणी सदस्य हिना अटल,जयकिशन अटल सहित कई वरिष्ठ व युवा कार्यकर्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। विरोध मार्च के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में बयानबाजी और धार्मिक सम्मान से जुड़े मुद्दों को केंद्र में ला दिया है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासी हलचल और तेज होने के संकेत दिख रहे हैं।

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